जयपुर। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गुरु-शिष्य परंपरा के महान आचार्य गुरु पंडित कुन्दन लाल गंगानी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक समारोह का पोस्टर मंगलवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान जारी किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि 14, 15 और 16 जुलाई 2026 को जवाहर कला केंद्र में प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से आयोजित होने वाला यह समारोह कथक और भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा का भव्य उत्सव होगा।
समिति के अनुसार समारोह गुरु पंडित कुन्दन लाल गंगानी की अद्वितीय कला साधना, गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक योगदान को समर्पित रहेगा। देशभर के ख्यातिप्राप्त कथक आचार्य, नृत्यांगनाएं और संगीत साधक तीन दिनों तक अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविध छवियों से रूबरू कराएंगे।
पहले दिन गुरु वंदना से होगा शुभारंभसमारोह का शुभारंभ गुरु वंदना से होगा। इसके बाद राजेन्द्र गंगानी, जी.के.जी., मनीषा गुल्यानी, साधना स्वरंग और पंडित राम मोहन महाराज अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
दूसरे दिन कबीर वाणी और कथक का संगमदूसरे दिन त्रिवेणी कला संगम की ओर से कबीर वाणी पर आधारित विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा गुरु चेतना ज्योतिषी, गुरु पंडित चरण गिरधर चांद तथा अन्य कलाकार कथक और शास्त्रीय संगीत की विविध प्रस्तुतियां देंगे।
समापन दिवस पर गुरु को भावपूर्ण श्रद्धांजलिसमारोह के अंतिम दिन संजीत गंगानी, गुरु प्रेरणा श्रीमाली, गुरु शोभा कोशेर तथा गुरु शशि सांखला की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। समापन समारोह गुरु पंडित कुन्दन लाल गंगानी की कला साधना और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित रहेगा।
कला प्रेमियों के लिए विशेष अवसरआयोजन समिति का कहना है कि यह
महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि भारतीय
गुरु-शिष्य परंपरा और शास्त्रीय कला के संरक्षण का सशक्त माध्यम भी है। देश
के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिष्ठित कलाकार एक ही मंच पर अपनी
प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का जीवंत
अनुभव कराएंगे।