नेपाल मूल के प्रसिद्ध ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव आखिरकार बचाव दल ने बरामद कर लिया है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र स्थित ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन में वह अपनी पर्वतारोहण टीम के साथ फंस गए थे। इस दुखद हादसे में अभियान से जुड़े सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। निर्मल पुर्जा का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों पर कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम की थीं।
लगभग 5700 मीटर की ऊंचाई पर मिला शवपाकिस्तान के पर्वतारोहण क्लब ने जानकारी दी कि 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा का शव लगभग 5700 मीटर की ऊंचाई पर खोज अभियान के दौरान बरामद किया गया। बचाव दल कई दिनों से लगातार दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में उनकी तलाश कर रहा था। क्लब के अनुसार निर्मल पुर्जा, जिन्हें पर्वतारोहण जगत में निम्स दाई के नाम से भी जाना जाता था, उसी पर्वत पर अपने अंतिम सफर में पहुंचे जिससे उन्हें सबसे अधिक लगाव था। अधिकारियों ने बताया कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार अभियान चलाता रहा।
ब्रॉड पीक पर आया था विनाशकारी हिमस्खलन
ब्रॉड पीक विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में शामिल है और इसे सबसे कठिन पर्वतारोहण अभियानों में गिना जाता है। तीन दिन पहले इस पर्वत पर अचानक आए भीषण हिमस्खलन ने पूरे अभियान को अपनी चपेट में ले लिया था। ऊंचाई, अत्यधिक बर्फबारी और खराब मौसम के कारण पर्वतारोहियों के सुरक्षित निकलने की संभावना बेहद कम हो गई थी। इस दुर्घटना ने अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टिनिर्मल पुर्जा की पर्वतारोहण संस्था ने पहले ही अभियान में शामिल सभी 10 सदस्यों के निधन की पुष्टि कर दी थी। पाकिस्तान के पर्वतारोहण क्लब के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्र में अन्य शव भी दिखाई दिए थे, जिनकी पहचान बाद में की गई। बचाव दल का प्रयास है कि सभी शवों को सुरक्षित आधार शिविर तक पहुंचाया जाए, ताकि आगे की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौतीबचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा लगातार खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां रहीं। ऊंची ढलानों, भारी बर्फ, दोबारा हिमस्खलन की आशंका और कम दृश्यता के कारण राहत कार्य बेहद धीमी गति से आगे बढ़ा। मौसम प्रतिकूल होने की वजह से हेलीकॉप्टरों का उपयोग भी संभव नहीं हो सका, जिसके चलते बचाव दल को पैदल ही जोखिम उठाकर अभियान चलाना पड़ा।
कई देशों के पर्वतारोही थे अभियान का हिस्सा
निर्मल पुर्जा
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। उनके साथ कुल नौ अन्य पर्वतारोही भी शामिल
थे। दल में नेपाल के पांच, पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के एक-एक
पर्वतारोही शामिल थे। हादसे के बाद शुरुआती चरण में चार शव बरामद किए गए
थे, जिनमें ओमान की नादिरा अहमद अब्दुल्ला अल हरथी, नेपाल के पुर बहादुर
गुरुंग और अमेरिका की मैलोरी गीस की पहचान की गई थी। इन शवों को बाद में
सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पर्वतारोहण जगत के प्रेरणास्रोत थे निर्मल पुर्जानिर्मल
पुर्जा दुनिया के सबसे चर्चित और सम्मानित पर्वतारोहियों में गिने जाते
थे। उन्होंने अत्यंत कम समय में विश्व की अनेक ऊंची पर्वत चोटियों पर
सफलतापूर्वक चढ़ाई कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई थी। कठिन से
कठिन अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा करने की उनकी क्षमता और साहस ने उन्हें
पर्वतारोहण की दुनिया में एक प्रेरणास्रोत बना दिया था। उनके निधन से
विश्वभर के पर्वतारोहियों और साहसिक खेलों से जुड़े लोगों में शोक की लहर
है।