भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से अटके राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अब निर्णायक दौर शुरू हो गया है। संकेत मिल रहे हैं कि आगामी सप्ताह में भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले इस चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी तेज़ कर दी गई है।
अगले सप्ताह हो सकता है निर्विरोध चुनावभाजपा के राष्ट्रीय संगठन चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण और सह अधिकारियों रेखा वर्मा, संबित पात्रा तथा नरेश बंसल की अध्यक्षता में बीते दिनों बैठक हुई है। इसमें जुलाई के दूसरे सप्ताह की तीन अलग-अलग संभावित तारीखों पर विचार किया गया। अब इन प्रस्तावित कार्यक्रमों में से एक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले सप्ताह दो से तीन दिन का औपचारिक कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।
अध्यक्ष पद की दौड़ में राजस्थान के नेताओं का पलड़ा भारीराष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर सबसे मजबूत नाम केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का माना जा रहा है। वह संगठन में अमित शाह की रणनीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करने वाले नेताओं में शामिल हैं। वह आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में चुनाव प्रभारी रह चुके हैं और पार्टी को अच्छे परिणाम दिला चुके हैं। इसी कारण उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त चेहरा माना जा रहा है।
यदि इस बार भाजपा महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का निर्णय करती है तो वसुंधरा राजे सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरती हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी वसुंधरा को वरीयता देने के पक्षधर बताए जा रहे हैं। हालांकि दक्षिण भारत की महिला नेताओं के नाम महज अटकलें भर हैं, क्योंकि भाजपा नेतृत्व फिलहाल दक्षिण भारत से अध्यक्ष बनाए जाने पर गंभीरता से विचार नहीं कर रहा।
जयपुर में भूपेंद्र यादव की सक्रियता, प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा टलीशुक्रवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जयपुर में लंबी बैठक की। इसे भी अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अंदरूनी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी जयपुर में मौजूद थे, और उन्होंने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दिल्ली के लिए रवाना हुई हैं, जिससे इन बैठकों का और अधिक राजनीतिक महत्व हो गया है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही होने की संभावना है। प्रदेश पदाधिकारियों के नामों को लेकर भाजपा आलाकमान और राजस्थान के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच असहमति की खबरें आ रही हैं। इसीलिए पार्टी नेतृत्व ने मदन राठौड़ को निर्देश दिया है कि वे राजस्थान के अन्य राष्ट्रीय नेताओं से मिलकर सामंजस्य स्थापित करें।
शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर से मदन राठौड़ की मुलाकात भी इसी क्रम में देखी जा रही है। हालांकि, जयपुर में मौजूद केंद्रीय मंत्रियों और लोकसभा अध्यक्ष से उनकी कोई बैठक नहीं हो सकी।