CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन पर संजय राउत का बड़ा बयान, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। यह आंदोलन मुख्य रूप से पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को केंद्र में रखकर किया जा रहा है।

इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। महाराष्ट्र से शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने CJP के इस आंदोलन और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक सकारात्मक बात है कि देश के युवा किसी मुद्दे को लेकर संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं। राउत के अनुसार, सरकार इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है।

संजय राउत ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

संजय राउत ने आगे कहा कि इस आंदोलन को लेकर मीडिया कवरेज पर भी दबाव बनाया जा रहा है, ताकि इसकी आवाज व्यापक स्तर तक न पहुंच सके। उन्होंने दावा किया कि यदि जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन सफल होता है तो सरकार को यह समझना होगा कि देश के युवाओं में असंतोष कितना गहरा है। राउत ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र और पुलिस व्यवस्था का उपयोग इस आंदोलन के प्रभाव को सीमित करने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि हजारों युवा सड़कों पर उतरकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राउत के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मांग पर कोई निर्णय नहीं लेते हैं, तो ‘स्वच्छ प्रशासन’ की अवधारणा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इस पूरे मामले में गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को भी जिम्मेदारी के दायरे में बताया और युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील की।
CJP संस्थापक के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जुटे समर्थक

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का यह प्रदर्शन संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। आंदोलन के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है। मध्य दिल्ली से लेकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रमुख रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों और शहर को अन्य राज्यों से जोड़ने वाले सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस को अर्धसैनिक बलों की लगभग 40 कंपनियों का सहयोग दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों—जिनमें संयुक्त पुलिस आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक उपायुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं—को जमीनी स्तर पर सुरक्षा निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।