NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है। लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने घोषणा की है कि जिन छात्रों और युवाओं को हिरासत में लिया गया है या जो पुलिस कार्रवाई में घायल हुए हैं, उन्हें पार्टी की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल किसी एक आंदोलन का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपनी विशेष लीगल टीम को सक्रिय कर दिया है, ताकि प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को हर स्तर पर कानूनी सहयोग मिल सके।
AICC ने जारी की वकीलों की सूची, परिवारों से संपर्क करने की अपीलमंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने आधिकारिक तौर पर बताया कि पुलिस कार्रवाई से प्रभावित प्रत्येक छात्र को बिना किसी शर्त के कानूनी मदद दी जाएगी। कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों और उनके परिजनों से अपील की कि वे पार्टी की लीगल टीम से संपर्क करें, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सके।
AICC की ओर से जिन अधिवक्ताओं के नाम और संपर्क साझा किए गए हैं, वे इस प्रकार हैं—कपिल मदान – Kapil@kmaattorneys.com
ऋषभ रंजन – rishav@youngchambers.com
अर्जुन शर्मा – asharmawork1998@gmail.com
शौर्य विक्रम – shauryavikram@hotmail.com
गुरबानी कौर भाटिया – gurbanikb13@gmail.com
इसके साथ ही कांग्रेस ने एक गूगल फॉर्म का लिंक भी जारी किया है। पार्टी ने छात्रों, उनके अभिभावकों और प्रभावित परिवारों से अनुरोध किया है कि वे अपनी पूरी जानकारी उस फॉर्म में दर्ज करें, ताकि लीगल टीम सीधे उनसे संपर्क कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर सके। कांग्रेस ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उसके वकील प्रभावित परिवारों तक स्वयं पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
RML अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी और प्रियंका गांधीइससे पहले मंगलवार सुबह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और इलाज की जानकारी ली।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मुलाकात का वीडियो भी साझा किया। वीडियो में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता अस्पताल में भर्ती छात्रों से बातचीत करते नजर आए। वीडियो के साथ पार्टी ने लिखा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है। जब छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उन्हें जवाब देने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया जाता है और आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं।
राहुल और प्रियंका ने सरकार पर साधा निशानासंसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। राहुल ने यह भी कहा कि चूंकि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के पास है, इसलिए गृह मंत्री अमित शाह को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा।
वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष संसद के भीतर इस पूरे मुद्दे पर चर्चा चाहता था, लेकिन उसे अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि संसद देश के युवाओं की भी है और जिन छात्रों पर आज लाठियां चलाई गईं, उनकी आवाज सदन तक पहुंचनी चाहिए। प्रियंका ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।