PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता शामिल; NEET मुद्दे पर सरकार से जवाब और इस्तीफे की मांग

NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।

राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश को यह महसूस हो रहा है कि शिक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है, फिर भी सरकार इसे स्वीकार करने से बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस पूरे मामले पर अब तक मौन क्यों हैं। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ बल प्रयोग जैसी घटनाएं दोबारा न हों। उनके मुताबिक छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पूरी तरह अनुचित थी।

संसद में चर्चा की मांग के बाद घायल छात्रों से भी मिले राहुल

प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने से पहले राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर NEET पेपर लीक मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। इसके बाद वह अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

इस दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही केवल शिक्षा मंत्रालय तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार लाठीचार्ज और सुरक्षा व्यवस्था गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए गृह मंत्री को भी इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
राहुल बोले- जवाबदेही तय होनी चाहिए

राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे मामले में केवल एक कड़ी हैं और उनका इस्तीफा आवश्यक है, लेकिन छात्रों की पिटाई के लिए जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की भी बनती है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए। राहुल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में इस तरह की स्थिति क्यों पैदा हो रही है और सरकार इस पर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही।

PM आवास तक मार्च, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका मार्च छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के खिलाफ जवाब मांगने के लिए निकाला गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार न तो इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करना चाहती है और न ही संसद में इस विषय पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और सरकार इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है।

राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यदि सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है और इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।