NEET और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी धरने में शामिल हो गए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद सरकार की ओर से उनसे बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा गया। मुलाकात के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि यह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं है और वहां आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह भरोसा दिलाया गया कि उनकी प्रमुख मांग स्वीकार कर ली गई है। सरकार NEET परीक्षा और उससे जुड़े पूरे विवाद पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। मंत्री के मुताबिक, इसी आधार पर राहुल गांधी से धरना समाप्त करने की अपील की गई थी।
एक्स पर केंद्रीय मंत्री ने साझा किया पूरा घटनाक्रमकेंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें सूचना मिली थी कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अपने समर्थकों के साथ अचानक अकबर रोड के पास धरने पर बैठ गए हैं। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए सरकार ने उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को बातचीत के लिए मौके पर भेजा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य संवाद के जरिए समाधान निकालना था और इसी सिलसिले में राहुल गांधी से मुलाकात की गई। बातचीत के दौरान उनसे अनुरोध किया गया कि वह धरना समाप्त करें, क्योंकि जिस स्थान पर प्रदर्शन किया जा रहा था, वहां यातायात और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।
राहुल गांधी ने संसद में चर्चा की शर्त रखीजितेंद्र सिंह के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार NEET परीक्षा और उससे जुड़े पूरे आंदोलन पर संसद में चर्चा कराने के लिए सहमत हो जाती है, तो वह तत्काल अपना धरना समाप्त कर देंगे। इसके बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति ली गई और राहुल गांधी को आधिकारिक तौर पर आश्वस्त किया गया कि सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने राहुल गांधी की इस मांग को स्वीकार करते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और उम्मीद की गई कि इसके बाद धरना समाप्त हो जाएगा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई मांग सामने आईहालांकि, जितेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से संसद में चर्चा का आश्वासन दिए जाने के बाद राहुल गांधी ने अपनी मांगों में बदलाव कर दिया। मंत्री के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि अब केवल संसद में चर्चा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का आश्वासन भी दिया जाए।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं—पहली, संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा और दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उन्हें याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की मांग रखी थी, तब राहुल गांधी ने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल चुकी हैं।
'मांगें बदलना मेरा अधिकार'—जितेंद्र सिंह का दावाकेंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जब राहुल गांधी को यह समझाने का प्रयास किया गया कि एक वरिष्ठ नेता के तौर पर इतनी जल्दी अपनी बात बदलना उचित नहीं माना जाएगा, तब उन्होंने कहा कि अपनी मांगों में बदलाव करना उनका अधिकार है।
जितेंद्र सिंह के मुताबिक, बातचीत के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी राहुल गांधी से आग्रह किया कि वह सार्वजनिक सुविधा को देखते हुए धरना किसी निर्धारित स्थान पर ले जाएं। इस पर राहुल गांधी ने कथित तौर पर जवाब दिया कि वह जहां चाहें वहां बैठ सकते हैं और यह भी उनका अधिकार है।
राहुल गांधी के रुख पर जितेंद्र सिंह ने उठाए सवालडॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखी अपनी पोस्ट में राहुल गांधी के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता जैसे वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति का अपनी घोषित मांग से पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले ही NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने की सहमति दे चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस ने अब तक संसदीय नियमों के तहत इस गंभीर विषय पर औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी का यह रवैया लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।