हिमाचल के चंबा में दर्दनाक बस हादसा, सड़क से नीचे गिरी निजी बस; 7 की मौत, 11 घायल

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीसा थाना क्षेत्र में बैरागढ़ के पास चालूंज मोड़ पर एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 7 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

घायलों में से 6 लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंबा रेफर किया गया है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

सुबह करीब 7:15 बजे हुआ हादसा

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना शनिवार सुबह करीब 7 बजकर 15 मिनट पर हुई। शर्मा कोच की निजी बस बैरागढ़ से चंबा की तरफ जा रही थी। इसी दौरान चालूंज मोड़ के नजदीक बस अचानक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई।

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि बस सड़क से पलटते हुए नीचे दूसरी सड़क की तरफ जा पहुंची। हादसा किस वजह से हुआ, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं पुलिस-प्रशासन की टीमें

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी के मुताबिक, सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया था। टीम के पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य में अलग-अलग विभागों की टीमों को भी लगाया गया। दुर्घटनास्थल पर फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। हादसे के बाद आसपास के इलाकों से भी लोग मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।
11 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हादसे में कुल 11 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 6 घायलों को उनकी हालत और उपचार की आवश्यकता को देखते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंबा रेफर किया गया है।

वहीं, हादसे में मृत 7 यात्रियों की पहचान करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों को सूचना देने और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने का काम भी किया जा रहा है।

NDRF समेत कई विभागों की टीमें बचाव अभियान में जुटीं

बस हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को मिलाकर टीमें घटनास्थल के लिए भेजी गईं।

इन टीमों ने मौके पर पहुंचकर खोज एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटनास्थल की स्थिति और बस के सड़क से नीचे जाने के कारण बचाव दलों को यात्रियों तक पहुंचने में सावधानी बरतनी पड़ी। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित निकालकर समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रही।

हादसे की असली वजह अभी सामने नहीं आई

चंबा में हुए इस हादसे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बस किस वजह से अनियंत्रित हुई और क्या सड़क, मौसम, वाहन या किसी अन्य कारण की इसमें भूमिका रही।

प्रशासन की ओर से घटनास्थल से मिलने वाली जानकारी के आधार पर हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।

बारिश के बीच हुआ हादसा, 13 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

चंबा में यह दुर्घटना ऐसे वक्त हुई है जब हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय है और लगातार बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है। मौसम विभाग ने 13 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क धंसने और रास्तों पर मलबा आने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील सड़क मार्गों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

दो हफ्ते के भीतर हिमाचल में दूसरा बड़ा सड़क हादसा

हिमाचल प्रदेश में पिछले करीब दो सप्ताह के दौरान यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा बताया जा रहा है। इससे पहले 24 जुलाई को जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर थाना क्षेत्र में कढ़ूनाला-राहौली के पास एक गंभीर दुर्घटना हुई थी।

उस हादसे में सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ की मुख्य सड़क पर पहाड़ी से अचानक बड़ी चट्टान गिर गई थी। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक टाटा सूमो चट्टान की चपेट में आ गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वाहन में सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई थी। यह वाहन चंबा जिले के पांगी क्षेत्र की ओर जा रहा था और मृतकों में शामिल सभी लोग पांगी इलाके के रहने वाले बताए गए थे।

मानसून में सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता


हिमाचल प्रदेश में इस साल मॉनसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। चंबा के इस बस हादसे से पहले ही मानसून के दौरान हुए सड़क हादसों में 78 लोगों की जान जा चुकी थी। अब चंबा दुर्घटना में 7 और लोगों की मौत के बाद मानसून सीजन में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 85 हो गया है।

वहीं, मानसून के दौरान अलग-अलग तरह की बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में अब तक कुल 150 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरे के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यात्रा करने की अपील की है। खासकर बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और खतरे वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।