गुरुग्राम में HR मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या, पूर्व सहकर्मी समेत दो गिरफ्तार; 7 घंटे कार में पड़ा रहा शव

दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय HR प्रोफेशनल युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पूर्व महिला सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया है। युवराज 6 सितंबर को गुरुग्राम में अपनी पूर्व सहकर्मी से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिवार की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में उनकी हत्या का मामला सामने आया।

पुलिस के मुताबिक, युवराज को उनकी कार के अंदर गोली मारे जाने की बात सामने आई है, हालांकि हत्या के तरीके से जुड़े इन दावों की अभी जांच की जा रही है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि हत्या के बाद शव करीब सात घंटे तक कार में ही रखा गया था। इसके बाद आरोपियों ने शव को गुरुग्राम में अपने घर के पास एक सीवर में फेंक दिया और उत्तराखंड चले गए।

6 सितंबर को परिवार से हुई थी आखिरी बातचीत

युवराज 6 सितंबर को अपनी बहनों के साथ लाजपत नगर में शॉपिंग करने गए थे। इसके बाद वह लाजपत नगर के एक रेस्टोरेंट में पहुंचे। परिवार के मुताबिक, युवराज ने बताया था कि गुरुग्राम में उनकी एक मीटिंग है और इसके बाद उन्होंने अपनी बहनों से कैब लेकर घर जाने के लिए कहा।

शाम करीब 4 बजे रेस्टोरेंट से निकलने के बाद युवराज गुरुग्राम के लिए रवाना हुए। शाम करीब 7 बजे उनकी परिवार से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएंगे। इसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया और परिवार के लोग उनसे संपर्क नहीं कर सके।

युवराज के लगातार संपर्क से बाहर रहने के बाद उनकी बहन 11 सितंबर को लाजपत नगर पुलिस के पास पहुंचीं। इसके बाद उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई और पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।
पूर्व सहकर्मी और उसके साथी पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान युवराज की पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा तक पहुंच बनाई। दोनों गुरुग्राम के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया है और उनका एक साल का बेटा भी है।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि अन्या और युवराज ने वर्ष 2022 में एक अन्य बड़े रियल एस्टेट डेवलपर के कार्यालय में साथ काम किया था। बाद में अन्या को उस कंपनी से निकाल दिया गया था और वह फिलहाल बेरोजगार थी। संयम भी बेरोजगार बताया गया है।

पैसों के विवाद की आशंका

पुलिस को शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पैसों से जुड़े विवाद की आशंका है। पुलिस के अनुसार, अन्या को पहले जिस कंपनी से हटाया गया था, वहां कुछ रुपयों की गड़बड़ी से जुड़ा मामला होने की बात सामने आई है। हालांकि इस वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

पुलिस को शक है कि युवराज और आरोपियों के बीच कार में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान कथित तौर पर युवराज की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को कई घंटे तक कार में रखने और फिर उसे ठिकाने लगाने की बात जांच में सामने आई है।

शव को गुरुग्राम में सीवर में फेंकने का आरोप

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि हत्या के बाद करीब सात घंटे तक शव कार में रखा गया। इस दौरान वे शव को ठिकाने लगाने की जगह तलाशते रहे। बाद में दोनों ने युवराज का शव अपने घर के पास एक सीवर में डाल दिया और वहां से उत्तराखंड चले गए।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया। अब पुलिस हत्या की पूरी घटना, पैसों से जुड़े विवाद और शव को ठिकाने लगाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

युवराज की हत्या से जुड़े कई अहम पहलुओं पर अभी जांच जारी है। विशेष रूप से हत्या के तरीके और कथित रूप से कार में शव रखे जाने की अवधि से संबंधित दावों की पुलिस स्तर पर पुष्टि की जानी बाकी है।