पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर नया बयान सामने आया है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया की सांसद सायोनी घोष ने 19 सितंबर को उम्मीद जताई कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। उन्होंने कहा कि अगर दोनों दल साथ आते हैं तो इससे यह संदेश जाएगा कि दोनों के बीच साझेदारी वास्तविक है, केवल नाम तक सीमित नहीं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC साथ आएंपत्रकारों से बातचीत में सायोनी घोष ने कांग्रेस और TMC के बीच संभावित गठबंधन पर अपनी उम्मीद जाहिर की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को TMC के साथ गठबंधन करना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा होने पर दोनों दलों के बीच साझेदारी को लेकर मजबूत राजनीतिक संदेश जाएगा।
सायोनी घोष का यह बयान ऐसे समय आया है जब नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने अपने उम्मीदवार को हटाकर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को पुलिस ने 2007 के पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर क्या बोलीं सायोनी घोषकांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ लंबित कानूनी मामलों को लेकर पूछे गए सवाल पर सायोनी घोष ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार उनके खिलाफ कुछ मामले लंबित थे। उन्होंने चुनाव से पहले होने वाली कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में कहा कि लोकतंत्र में संबंधित राजनीतिक दलों के पास चुनाव आयोग और अदालत का रुख करने का अधिकार है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दो राजनीतिक दलों से जुड़ा मामला है और कांग्रेस, TMC तथा बीजेपी समेत सभी दलों को लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामले में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित था। कांग्रेस और TMC के नेताओं ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थननंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के गुट ने पहले संचिता प्रधान डे को अपना उम्मीदवार बनाया था। 18 सितंबर को उनके नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।
ममता बनर्जी ने कहा था कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तारी के समय को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुराने मामले को चुनाव के समय सामने लाया गया। यह ममता बनर्जी का राजनीतिक आरोप है। पुलिस और बीजेपी की ओर से कार्रवाई को कानून के तहत बताया गया है।
राहुल गांधी ने गिरफ्तारी को लेकर क्या कहामिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी महज संयोग नहीं है और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस न तो डरेगी और न ही झुकेगी तथा पार्टी चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी। ये राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पुलिस की कार्रवाई पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।
TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर क्या हुआनंदीग्राम का घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद पर चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत पार्टी के मूल नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
17 सितंबर को आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को आगामी उपचुनावों में “All India Trinamool Congress” नाम और पारंपरिक “Flowers & Grass” यानी “जोड़ाफूल” चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। इसके बाद दोनों गुटों से वैकल्पिक नाम और मुक्त चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे गए।
18 सितंबर को आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को “Mamata All India Trinamool Congress” नाम और “Football Player” चुनाव चिह्न दिया। वहीं दूसरे गुट को “Democratic Trinamool Congress” नाम और “Envelope” चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम तौर पर लागू है।
इसलिए मौजूदा स्थिति में यह कहना सही नहीं होगा कि चुनाव आयोग ने किसी एक गुट को अंतिम रूप से मूल TMC घोषित कर दिया है। मूल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम विवाद अलग प्रक्रिया के तहत तय होना बाकी है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया है।
नंदीग्राम उपचुनाव में अब क्या स्थिति हैनंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है। बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान मैदान में हैं। ममता बनर्जी के गुट ने अपना उम्मीदवार हटाकर मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया है।
ऐसे में सायोनी घोष का कांग्रेस और TMC के संभावित गठबंधन को लेकर दिया गया बयान नंदीग्राम में सामने आए हालिया घटनाक्रम से जुड़ा है। हालांकि, उनके बयान को कांग्रेस और TMC के बीच किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने केवल दोनों दलों के एक साथ आने की उम्मीद व्यक्त की है।
फिलहाल नंदीग्राम उपचुनाव से पहले तीन घटनाक्रम प्रमुख हैं—ममता बनर्जी के गुट का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, मिलन प्रधान की पुराने मामले में गिरफ्तारी और TMC के मूल नाम-चिह्न पर चुनाव आयोग की अंतरिम रोक के बाद दोनों गुटों को मिली अलग चुनावी पहचान। इन घटनाक्रमों के बीच सायोनी घोष ने कांग्रेस-TMC के बीच संभावित एकजुटता की उम्मीद जताई है।
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