राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम से पहले सियासी घमासान, सुरक्षा शर्तों को लेकर पवन खेड़ा ने MP सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से कार्यक्रम के आयोजकों के सामने सुरक्षा से जुड़ी कई शर्तें रखे जाने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस इन व्यवस्थाओं को सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की तैयारी का हिस्सा बता रही है।

राहुल गांधी का कार्यक्रम शनिवार, 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होना है। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का पांचवां कार्यक्रम है। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इसके कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

कार्यक्रम के लिए पुलिस ने तय की कई सुरक्षा शर्तें

कार्यक्रम से पहले पुलिस ने आयोजकों के सामने सुरक्षा से जुड़ी करीब 29 से 31 शर्तें रखी हैं। इनमें कार्यक्रम स्थल पर स्वयंसेवकों की तैनाती, CCTV कैमरों की व्यवस्था, प्रवेश और निकास के लिए उचित प्रबंध, मेडिकल सुविधा, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन जैसे इंतजाम शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की ओर से अधिकृत ड्रोन के इस्तेमाल की व्यवस्था के साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड से जांच कराने जैसी तैयारियां भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और आने वाली भीड़ के अनुरूप आवश्यक इंतजाम करना है।

कोचिंग सेंटर और हॉस्टल संचालकों से स्वघोषणा पत्र लेने पर सवाल

विवाद का एक प्रमुख मुद्दा कोचिंग सेंटर और हॉस्टल संचालकों से मांगा गया स्वघोषणा पत्र है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर इस पत्र की प्रति साझा करते हुए आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों से छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।

खेड़ा का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए छात्रों पर कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार पर निशाना साधा तथा सवाल उठाया कि सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वहीं, पुलिस की ओर से इस प्रक्रिया को अलग उद्देश्य से जोड़ा गया है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस तरह के फॉर्म का इस्तेमाल पहले भी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में छात्रों की संख्या तथा सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए किया गया है। पुलिस के मुताबिक, छात्रों की अनुमानित संख्या की जानकारी मिलने से कार्यक्रम में आने वाली भीड़ का आकलन करने और उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलती है।
सुरक्षा निर्देशों में राजीव गांधी हत्याकांड का संदर्भ

राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जारी सुरक्षा निर्देशों में 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़ी सुरक्षा चूकों की जांच करने वाले जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की सिफारिशों का भी संदर्भ दिया गया है।

पुलिस ने इस संदर्भ को VIP सुरक्षा और कार्यक्रम आयोजकों की जिम्मेदारियों से जुड़े निर्देशों के संदर्भ में रखा है। कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा जांच के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की जांच तथा ड्रोन से संबंधित प्रोटोकॉल को भी सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा बनाया गया है।

पवन खेड़ा ने पुलिस और सरकार पर लगाए आरोप

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले राजीव गांधी की हत्या से जुड़ी सुरक्षा चूकों का हवाला देकर दबाव बनाया गया और अब कोचिंग सेंटरों, हॉस्टल संचालकों और छात्रों से जुड़ी प्रक्रिया के जरिए भी इसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।

खेड़ा ने कहा कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। हालांकि, पुलिस की ओर से इन व्यवस्थाओं को सुरक्षा संबंधी तैयारियों, भीड़ का अनुमान लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया बताया गया है।

19 सितंबर को इंदौर में होगा कार्यक्रम

राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में होना है। कार्यक्रम का फोकस छात्रों से जुड़े मुद्दों पर रहेगा, जिसमें शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विषय शामिल हैं।

कार्यक्रम से पहले सुरक्षा इंतजामों को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए तय की गई शर्तों के बीच यह विवाद सामने आया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कांग्रेस के आरोप और पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया को लेकर दिया गया पक्ष ही सामने है।