गुरुग्राम लेडी बाइकर केस में आरोपी के वकील का दावा, ‘हिट-एंड-रन नहीं, हादसा था’, नशे में होने के आरोप से भी इनकार

गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ने घटना को हिट-एंड-रन मानने पर सवाल उठाए हैं। आरोपी पक्ष का कहना है कि यह जानबूझकर टक्कर मारने का मामला नहीं था, बल्कि बाइकर्स की लापरवाही और सड़क पर उनके व्यवहार के कारण हादसा हुआ। वकील ने कार में सवार लोगों के नशे में होने के आरोप से भी इनकार किया है।

वकील के मुताबिक, कार में चार लोग सवार थे और वे दिल्ली से रिश्तेदारों से मिलकर गुरुग्राम लौट रहे थे। उनका दावा है कि बाइकर्स तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहे थे और कार को बार-बार काट रहे थे। बचने की कोशिश में कार को फुटपाथ की ओर जाने से रोकने के लिए दूसरी दिशा में मोड़ा गया और इसी दौरान बाइक से टक्कर हो गई। आरोपी पक्ष का कहना है कि इस घटनाक्रम में कार चालक की मंशा बाइक सवार महिला को टक्कर मारने की नहीं थी।

आरोपी के वकील ने क्या कहा

आरोपी के वकील ने बाइकर्स पर सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाइकर्स के इस तरह के व्यवहार से सड़क पर दूसरे वाहन चालकों को परेशानी होती है। वकील ने यह भी दावा किया कि कार चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की थी और घटना के बाद मौके से निकलने की वजह भी अलग थी।

वकील के अनुसार, टक्कर के बाद वहां मौजूद बाइकर्स की भीड़ से हमले का डर था। इसी वजह से चालक ने वहां रुकने के बजाय आगे निकलना बेहतर समझा। आरोपी पक्ष इसे आत्मरक्षा की स्थिति बता रहा है।

आरोपी पक्ष ने यह भी खारिज किया है कि कार में सवार लोग शराब के नशे में थे। यह दावा उस आरोप के जवाब में आया है जिसमें सिया ने कहा था कि कार में मौजूद लोग नशे की हालत में लग रहे थे। सिया के मुताबिक, कार उनके बाइकिंग ग्रुप के पीछे चल रही थी और बार-बार उनकी बाइक के करीब आने की कोशिश कर रही थी।

सिया ने आरोपी पक्ष के दावों को नकारा

सिया ने आरोपी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उसकी कहानी को खारिज किया है। उनका कहना है कि उपलब्ध वीडियो में घटनाक्रम साफ दिखाई देता है और कार के उनकी बाइक की दिशा में आने की स्थिति रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने इस दावे पर भी सवाल उठाया कि बाइकर्स कार को उकसा रहे थे।

सिया ने यह भी सवाल उठाया कि अगर टक्कर महज एक हादसा थी और आरोपी को घटना पर अफसोस था, तो वह मौके पर रुककर उनकी स्थिति देखने के बजाय वहां से क्यों चला गया। उन्होंने कहा कि टक्कर गंभीर परिणाम वाली हो सकती थी और वीडियो फुटेज में घटना का घटनाक्रम देखा जा सकता है।
पुलिस ने मामले में बढ़ाई कार्रवाई

इस बीच मामले में पुलिस की कार्रवाई आरोपी पक्ष के दावे से अलग दिशा में आगे बढ़ी है। गुरुग्राम पुलिस ने उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच के बाद एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 जोड़ी है, जो हत्या के प्रयास से संबंधित है। पुलिस के मुताबिक, इस धारा में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार भी कर लिया है। इससे पहले उसके खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने तथा लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच में पीड़िता का औपचारिक बयान भी दर्ज किया जाना है।

मामले में आरोपी पक्ष टक्कर को हादसा और लापरवाही का परिणाम बता रहा है, जबकि पुलिस ने CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी है। सिया भी आरोपी के इस दावे को खारिज कर चुकी हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में होगा।