बिहार की राजनीति में जदयू नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह तथा पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। अनंत सिंह के जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होने और उनके समर्थन में खड़े होने के बाद जदयू नेतृत्व ने मामले को संभालने की कोशिश की। इसी सिलसिले में पार्टी की ओर से अधिकृत किए गए ललन सिंह ने अनंत सिंह से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद ललन सिंह ने स्वीकार किया कि इस विवाद को पहले ही सुलझाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से चूक हुई है। उनके मुताबिक, अनंत सिंह ने साफ कहा है कि जिसने उनका विरोध किया, उसके लिए वह वोट नहीं मांगेंगे। हालांकि, बातचीत के बाद अनंत सिंह सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं देने के लिए सहमत हो गए हैं।
अनंत सिंह से मिलने पहुंचे ललन सिंहअनंत सिंह और जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच मतभेद को दूर करने के लिए ललन सिंह को पार्टी ने जिम्मेदारी दी थी। अनंत सिंह पिछले सप्ताह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन के दौरान उनके साथ मौजूद रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुज सिंह के प्रति अपना समर्थन भी जताया था। अनंत सिंह के इस कदम के बाद जदयू के भीतर हलचल बढ़ गई थी। इसके बाद पार्टी ने विवाद को शांत करने के लिए ललन सिंह को उनसे बातचीत करने के लिए भेजा।
ललन सिंह ने मानी पार्टी नेतृत्व की चूकअनंत सिंह से मुलाकात के बाद ललन सिंह ने विवाद के कारणों पर बात करते हुए कहा कि अगर कोई क्रिया होगी तो उसकी प्रतिक्रिया भी होगी और ताली एक हाथ से नहीं बजती। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय भी अनंत सिंह का विरोध हुआ था, लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने इस विवाद को सुलझाने की कोशिश नहीं की। ललन सिंह के मुताबिक, यही पार्टी नेतृत्व की चूक थी। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि जिसने उनका विरोध किया, वह उसके लिए वोट मांगने नहीं जाएंगे। इस पर ललन सिंह ने उनसे सार्वजनिक बयान नहीं देने का आग्रह किया। ललन सिंह के अनुसार, अनंत सिंह इस बात पर सहमत हो गए हैं।
अनुज सिंह के नामांकन में पहुंचे थे अनंत सिंहविवाद की ताजा वजह अनंत कुमार सिंह की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन के दौरान मौजूदगी बनी। बीते गुरुवार को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अनुज सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इस दौरान अनंत सिंह उनके साथ मौजूद थे और उनके समर्थकों की भी बड़ी संख्या वहां पहुंची थी। अनंत सिंह की मौजूदगी को नीरज कुमार के खिलाफ उनके रुख से जोड़कर देखा गया, क्योंकि अनुज सिंह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद जदयू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ललन सिंह के जरिए विवाद को सुलझाने की पहल की।
नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह का रुख स्पष्टअनंत सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार की हार चाहते हैं। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में जुलूस भी निकाला था। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के साथ अपने पुराने मतभेद का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें नहीं पता कि इस मामले में पार्टी का क्या रुख है। उनका कहना था कि नीरज कुमार ने कई मौकों पर उनका विरोध किया है और वह भी उसी तरह जवाब देना चाहते हैं। हालांकि, ललन सिंह से मुलाकात के बाद अनंत सिंह सार्वजनिक बयान नहीं देने पर सहमत हुए हैं। इसके बावजूद, ललन सिंह के बयान के मुताबिक, वह नीरज कुमार के लिए वोट मांगने को तैयार नहीं हैं।
2015 के विधानसभा चुनाव से चला आ रहा है विवादअनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद नया नहीं है। इसकी जड़ 2015 के विधानसभा चुनाव तक जाती है। उस समय अनंत सिंह ने जदयू से अलग होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। वहीं, जदयू ने मोकामा विधानसभा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। इसके बावजूद अनंत सिंह ने उस चुनाव में मोकामा सीट बड़े अंतर से बरकरार रखी थी। इसके बाद से ही नीरज कुमार को लेकर उनकी नाराजगी बनी हुई है। मौजूदा विवाद में भी अनंत सिंह ने इसी पुराने विरोध का हवाला देते हुए नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने से इनकार किया है।