दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में को-पायलट द्वारा कथित तौर पर कप्तान पर हमला करने और विमान को संकट में डालने के मामले में जांच से कई अहम बातें सामने आई हैं। इजराइली ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘माको’ के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने अमीराती जांचकर्ताओं से पूछताछ के दौरान कहा कि उसने यह कदम गाजा का बदला लेने के लिए उठाया था। रिपोर्ट के अनुसार, उसने यह भी कहा कि वह शहीद होकर मरना चाहता था। जांचकर्ताओं के सामने कथित बयान के बाद अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस घटना की योजना उसने अकेले बनाई थी या किसी अन्य व्यक्ति से उसे मदद या संपर्क मिला था। इसके लिए उसके फोन, विदेश यात्राओं और संपर्कों की जांच की जा रही है।
पूछताछ में क्या बताया को-पायलट नेरिपोर्ट के अनुसार, हमम अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान अपने कदम को गाजा से जोड़ते हुए बदला लेने की बात कही। उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि उसका उद्देश्य शहीद होकर मरना था। हालांकि, ये बातें जांच के दौरान उसके द्वारा दिए गए कथित बयान पर आधारित हैं और इन्हें जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा गया है। मामले की जांच में अधिकारियों का ध्यान उसके संभावित संपर्कों और गतिविधियों पर भी है। उसके फोन रिकॉर्ड, विदेश यात्राओं और संपर्कों की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के पीछे केवल उसका व्यक्तिगत फैसला था या इसके लिए उसे किसी अन्य व्यक्ति से भी मदद मिली थी।
चरमपंथी विचारधारा से जुड़े होने का दावाहमम अल-हम्मामी की कथित विचारधारा को लेकर भी जांच में कई बातें सामने आई हैं। खबरों के मुताबिक, उसे पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन से हटा दिया गया था। इसके पीछे उसकी कथित चरमपंथी सोच को वजह बताया गया है। CNN की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि बाद में उसके नाम से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इजराइली विमानों के कॉकपिट के वीडियो और अल-कायदा से जुड़े लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी पहले कह चुके थे कि माना जा रहा है कि को-पायलट इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
फ्लाइट 1073 में आखिर क्या हुआ थायह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में हुई। विमान में 170 से ज्यादा यात्री सवार थे और इनमें ज्यादातर इजराइली यात्री बताए गए। तेल अवीव पहुंचने से एक घंटे से भी कम समय पहले विमान के कॉकपिट में स्थिति अचानक बिगड़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी ने फ्लाइट के कप्तान स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इसी दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान कुछ ही सेकंड में 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गया था। कप्तान मच्छार ने कथित हमले का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों को कॉकपिट के भीतर की स्थिति का पता चला और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला मोर्चाघटना के दौरान यात्रियों ने को-पायलट को काबू करने में मदद की। इसके साथ ही विमान में मौजूद कुछ ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फ्लाइट का नियंत्रण संभाल लिया। इस तरह विमान को सुरक्षित रखने और संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद मिली। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि अल-हम्मामी ने इससे पहले जुलाई में भी हमले के बारे में विचार किया था। हालांकि, कथित तौर पर उसने अंतिम समय में अपनी योजना छोड़ दी थी। इसके पीछे वजह यह बताई गई कि वह क्रू के एक सदस्य का दोस्त था। घटना के बाद जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि को-पायलट ने कथित तौर पर इस कदम की योजना किस तरह बनाई और क्या वह किसी अन्य व्यक्ति या संगठन के संपर्क में था। इसी दिशा में उसके फोन, यात्राओं और संपर्कों से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है।