छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक साल का मासूम बच्चा, जिसकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी, खेलते समय हुए एक हादसे का शिकार बन गया। घर के पास पड़ी एक पुरानी मोबाइल बैटरी उसके लिए जानलेवा साबित हुई। बैटरी में हुए अचानक विस्फोट ने बच्चे की जिंदगी छीन ली और परिवार को ऐसा घाव दे दिया, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। यह हादसा लोगों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रति सतर्क रहने की भी गंभीर चेतावनी देता है।
कबाड़ में मिली बैटरी बनी मौत का कारणजानकारी के अनुसार यह घटना प्रेमनगर विकासखंड के ब्रह्मपुर गांव की है। यहां रहने वाले महेंद्र सिंह नेताम का एक वर्षीय पुत्र आदित्य घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेल के दौरान उसकी नजर पास में पड़े कचरे के ढेर पर गई, जहां उसे एक पुरानी मोबाइल बैटरी मिली। मासूम बच्चे ने उसे खिलौना समझ लिया और उत्सुकतावश अपने हाथ में उठाकर उससे खेलने लगा। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह साधारण सी दिखने वाली बैटरी कुछ ही क्षणों में बड़ा हादसा बन जाएगी।
आग के संपर्क में आते ही हुआ जोरदार विस्फोटप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक खेलते समय वह पुरानी बैटरी किसी तरह आग या गर्म स्रोत के संपर्क में आ गई। इसके बाद अचानक उसमें तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसके आसपास मौजूद बच्चे घबरा गए और जान बचाने के लिए वहां से भाग खड़े हुए। वहीं बैटरी फटने से आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मां ने देखा तो उड़ गए होशघटना के समय बच्चे की मां किसी काम से घर से बाहर गई हुई थीं। तभी अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। शोर सुनकर वह तुरंत मौके की ओर दौड़ीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने अपने बेटे को जमीन पर गंभीर हालत में पड़ा देखा। मासूम दर्द से तड़प रहा था और उसके चेहरे, सीने, पेट तथा हाथों पर गहरे जलने के निशान दिखाई दे रहे थे। बेटे की हालत देखकर मां की चीख निकल गई और वह बदहवास हो गईं। आसपास के लोगों ने भी यह भयावह दृश्य देखकर गहरा दुख व्यक्त किया।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे से बढ़ रहा खतरायह दर्दनाक घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि लापरवाही से फेंका गया इलेक्ट्रॉनिक कचरा कितना खतरनाक हो सकता है। पुरानी मोबाइल बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य कबाड़ बच्चों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सामान को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना या निर्धारित स्थानों पर जमा करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।