Tokyo Olympic : भाला फेंक में फाइनल में भी नहीं पहुंच पाईं अन्नु रानी, मेडल टैली में चीन का दबदबा

टोक्यो ओलंपिक में मंगलवार को विभिन्न स्पर्धाओं का खेल जारी है। इनमें भारतीय एथलीट भी चुनौती पेश कर रहे हैं। आज का दिन अभी तक भारत के लिए अच्छा नहीं रहा। पुरुष हॉकी टीम की सेमीफाइनल और फिर कुश्ती में सोनम मलिक की पहले ही दौर में हार के बाद अब एथलेटिक्स के फील्ड से भी बुरी खबर आई है। महिला भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) में क्वालिफिकेशन ग्रुप ए के मुकाबले में अन्नु रानी फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाईं। अपने पहले दो प्रयासों में उन्होंने 50.35 मीटर और 53.19 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की।

टॉप-12 लायक नहीं रहा अन्नु का प्रदर्शन

अन्नु ने तीसरे प्रयास में 54.04 मीटर थ्रो किया। वे टॉप-12 में जगह नहीं बना पाईं जिस कारण उनकी चुनौती खत्म हो गई। जैवलिन थ्रो में 12 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली या फिर 63 मीटर की दूरी तक भाला फेंकने वाली एथलीट ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। पौलेंड की मारिया एनरेजेयक क्वालिफाई करने वाली पहली एथलीट बनीं। उन्होंने पहले अटेंप्ट में 65.24 मी. की दूरी पर भाला फेंका। उनका इस सीजन का बेस्ट थ्रो 71.40 मी. है। अन्नु ने इस साल की शुरुआत में नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 24वीं फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 63.24 मी. प्रयास के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।


29 गोल्ड मेडल जीत चुका है चीन, भारत…

ओलंपिक में चीन का दबदबा कायम है। उसकी झोली में अब तक 29 गोल्ड आ चुके हैं। अमेरिका और मेजबान जापान उससे काफी पीछे हैं। चीन ने वेटलिफ्टिंग, शूटिंग, बैडमिंटन और स्वीमिंग में सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक जीते हैं। चीन ने वेटलिफ्टिंग में 7 स्वर्ण, एक सिल्वर जीता है। शूटिंग में उसके खाते में चार गोल्ड सहित 11 मेडल आए हैं। अमेरिका ने अब तक 22 गोल्ड जीते हैं। इसमें से 11 तो तैराकी में ही आए हैं। जापान 17 स्वर्ण के साथ पदक तालिका में तीसरे स्थान पर है। जूडो में जापान ने 9 गोल्ड जीतकर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। भारत के दो पदक हैं और वह 62वें स्थान पर है।