IND vs ENG: वरुण-अभिषेक की फॉर्म पर उठे सवाल, सेमीफाइनल से पहले कोच का बेबाक जवाब

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और अब सबकी नजरें भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले बड़े सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। 5 मार्च को मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, जहां से जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी। ऐसे महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की मौजूदा फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने इन दोनों खिलाड़ियों को लेकर अपना स्पष्ट और बेबाक नजरिया सामने रखा है।

वरुण चक्रवर्ती पर कोच का पूरा भरोसा

भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की क्षमताओं पर पूरा विश्वास जताया है। उनका कहना है कि वरुण के पास इतनी विविधता और कौशल मौजूद है कि वह किसी भी बल्लेबाज को मुश्किल में डाल सकते हैं। मोर्केल के अनुसार, वरुण के पास ऐसी गेंदबाजी कला है जो बल्लेबाजों को हर गेंद पर चकमा दे सकती है और उन्हें विकेट लेने का मौका देती है।

मोर्केल ने यह भी कहा कि अगर किसी गेंद पर चौका लग जाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि गेंदबाज कमजोर है, बल्कि कई बार गेंद योजना के मुताबिक नहीं पड़ती। ऐसे में जरूरी यह है कि खिलाड़ी पिछली गेंद को भुलाकर अगली गेंद पर पूरा ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने वरुण को सलाह दी कि उन्हें ज्यादा सोचने की बजाय अपनी लाइन, लेंथ और गति पर फोकस रखना चाहिए।

कोच ने आगे कहा कि वरुण की गेंदबाजी की खासियत यह है कि बल्लेबाजों के लिए उन्हें पढ़ पाना आसान नहीं होता। उनकी गेंदों में मौजूद विविधता बल्लेबाजों को लगातार भ्रमित करती है। हालांकि कभी-कभी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने की चाह में वह खुद पर अतिरिक्त दबाव बना लेते हैं। मोर्केल का मानना है कि अगर वरुण हर गेंद को अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंद मानकर फेंकें और उसी पर ध्यान दें, तो वह किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं और टीम के लिए असली मैच विनर साबित हो सकते हैं।
अभिषेक शर्मा के समर्थन में भी बोले कोच

युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टी20 वर्ल्ड कप में अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। उन्होंने छह मुकाबलों में केवल 80 रन बनाए हैं और इस दौरान तीन बार शून्य पर भी आउट हुए हैं। ऐसे आंकड़ों के बाद स्वाभाविक रूप से उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कोच मोर्केल ने अभिषेक का भी मजबूती से समर्थन किया है।

मोर्केल ने कहा कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें उतार-चढ़ाव बहुत सामान्य बात है। कई बार यह खेल खिलाड़ियों के लिए बेहद कठोर साबित होता है और अच्छे खिलाड़ी भी खराब दौर से गुजरते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बड़े खिलाड़ियों ने अपने करियर में ऐसे मुश्किल चरण देखे हैं और यह किसी भी खिलाड़ी के विकास का हिस्सा होता है।

उनका मानना है कि अभिषेक जैसे युवा खिलाड़ी के लिए यह समय सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर है। इस तरह के अनुभव भविष्य में उन्हें और मजबूत खिलाड़ी बना सकते हैं। मोर्केल ने यह भी कहा कि अभिषेक को केवल एक-दो अच्छे शॉट्स की जरूरत है, जिससे उनका आत्मविश्वास फिर से लौट सकता है।

कोच के मुताबिक अभिषेक एक आक्रामक सोच वाले बल्लेबाज हैं जो ज्यादा तकनीकी उलझनों में नहीं पड़ते और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले ही अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ इसी वानखेड़े मैदान पर शानदार शतक लगाया था। ऐसे में सेमीफाइनल का यह मुकाबला उनके लिए खुद को फिर से साबित करने और नई शुरुआत करने का बेहतरीन मौका हो सकता है।