IPL 2026 में शानदार लय में नजर आ रही पंजाब किंग्स को लगातार दूसरी जीत के बावजूद बड़ा झटका लगा है। टीम ने जहां मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए Chennai Super Kings को हराया, वहीं स्लो ओवर रेट की गलती ने उनकी इस जीत की चमक को थोड़ा फीका कर दिया। इस नियम उल्लंघन के चलते कप्तान Shreyas Iyer समेत पूरी टीम को सख्त सजा झेलनी पड़ी है। खास बात यह है कि यह इस सीजन में पंजाब किंग्स का दूसरा स्लो ओवर रेट का मामला है, जिससे सजा और भी कड़ी हो गई।
आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह उल्लंघन दर्ज किया गया। नियमों के मुताबिक, सीजन में दूसरी बार ऐसी गलती करने पर कप्तान पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। इसी के चलते श्रेयस अय्यर पर 24 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। वहीं प्लेइंग इलेवन के बाकी खिलाड़ियों के साथ-साथ इम्पैक्ट प्लेयर पर भी आर्थिक दंड लगाया गया। इन खिलाड़ियों पर 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) का जुर्माना लगाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर टीम एक बार फिर इसी तरह की गलती दोहराती है, तो अय्यर पर एक मैच का प्रतिबंध और 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मैच की बात करें तो मुकाबला काफी रोमांचक रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए Chennai Super Kings ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम के युवा बल्लेबाज Ayush Mhatre ने 43 गेंदों में 73 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं कप्तान Ruturaj Gaikwad ने 28 रन का योगदान दिया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 96 रनों की मजबूत साझेदारी देखने को मिली। इसके अलावा Sarfaraz Khan ने तेज़ 32 रन बनाए, जबकि Shivam Dube 45 रन बनाकर नाबाद रहे।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने तेज़ बल्लेबाज़ी करते हुए महज 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर 210 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान Shreyas Iyer ने 29 गेंदों में 50 रन की कप्तानी पारी खेली और टीम को जीत की राह पर बनाए रखा। उनके अलावा Prabhsimran Singh ने भी 43 रन बनाकर अहम योगदान दिया।
हालांकि, जीत के इस जश्न पर स्लो ओवर रेट का जुर्माना भारी पड़ गया। अब पंजाब किंग्स के सामने चुनौती सिर्फ जीत दर्ज करने की ही नहीं, बल्कि खेल के नियमों का पूरी तरह पालन करने की भी है। आने वाले मुकाबलों में टीम को अपनी गति और रणनीति दोनों पर संतुलन बनाकर चलना होगा, ताकि इस तरह की गलती दोबारा न हो और किसी बड़े दंड से बचा जा सके।