हार्दिक पांड्या की बड़ी चूक से डूबी मुंबई इंडियंस, 159 रन बचाते वक्त कर दी ऐसी गलती जो नहीं करनी चाहिए थी

आईपीएल 2026 में जहां टीमें 200 से ऊपर के स्कोर को भी सुरक्षित नहीं मान रहीं, वहां 160 जैसे मामूली लक्ष्य का बचाव करना अपने आप में बड़ी चुनौती बन जाता है। शनिवार, 2 मई को मुंबई इंडियंस के सामने भी कुछ ऐसा ही कठिन इम्तिहान था। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की टीम 20 ओवर में सिर्फ 159 रन ही बना सकी। इसके बाद गेंदबाजों पर जिम्मेदारी थी कि वे इस स्कोर को बचाएं, लेकिन शुरुआत में बढ़त लेने के बावजूद टीम अंत में मुकाबला गंवा बैठी। चेन्नई ने 160 रनों का लक्ष्य 11 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया, जिसमें कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कार्तिक शर्मा की नाबाद अर्धशतकीय पारियों ने अहम भूमिका निभाई। इस हार के बाद चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर कप्तान हार्दिक पांड्या से कहां चूक हो गई।

मुंबई इंडियंस ने गेंदबाजी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक की थी। दूसरे ही ओवर में टीम ने चेन्नई के सबसे खतरनाक बल्लेबाज संजू सैमसन को पवेलियन भेज दिया था, जो इस सीजन में शानदार फॉर्म में चल रहे थे। हालांकि इससे पहले उन्हें जीवनदान भी मिला, जब जसप्रीत बुमराह की गेंद पर स्लिप में विल जैक्स ने आसान कैच छोड़ दिया। बावजूद इसके, बुमराह ने उसी ओवर की आखिरी गेंद पर सैमसन को आउट कर टीम को बड़ी राहत दिलाई।

सैमसन के आउट होते ही मैच का रुख बदलने का शानदार मौका मुंबई के पास था। इस सीजन में देखा गया है कि जब-जब सैमसन ने अच्छा प्रदर्शन किया है, चेन्नई को जीत मिली है। साथ ही, चेन्नई सुपर किंग्स इस मैच से पहले लक्ष्य का पीछा करते हुए एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई थी। ऐसे में मुंबई इंडियंस के पास बढ़त बनाने का सुनहरा अवसर था, लेकिन यहीं पर कप्तानी के फैसलों ने खेल का पासा पलट दिया।

हार्दिक पांड्या ने तीसरा ओवर जसप्रीत बुमराह की जगह ट्रेंट बोल्ट को थमाया, और इसी ओवर में ऋतुराज गायकवाड़ ने आक्रामक अंदाज दिखाते हुए दो चौके और एक छक्का जड़ दिया, जिससे कुल 17 रन बने। इसके बाद बुमराह चौथा ओवर लेकर आए, जिसमें उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन उर्विल पटेल कुछ मौकों पर आउट होने से बच गए। इस ओवर में सिर्फ 7 रन आए, लेकिन दबाव पूरी तरह नहीं बन पाया।
चार ओवर के बाद चेन्नई का स्कोर 1 विकेट पर 37 रन था। इस दौरान बुमराह ने 2 ओवर में 17 रन दिए थे, जबकि बोल्ट 24 रन खर्च कर चुके थे। ऐसे में जरूरत थी कि मुंबई इंडियंस अपने सबसे अनुभवी गेंदबाज का सही तरीके से इस्तेमाल करे, लेकिन कप्तान का अगला फैसला टीम पर भारी पड़ गया।

पांचवें ओवर में ट्रेंट बोल्ट को हटाकर गेंद कृष भगत को थमा दी गई, और चेन्नई ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए इस ओवर में 18 रन बटोर लिए। इसके बाद पावरप्ले के आखिरी ओवर में जहां बुमराह से गेंदबाजी कराकर दबाव बनाया जा सकता था, वहां हार्दिक पांड्या ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए गजनफर को मौका दिया।

हालांकि गजनफर ने अपने ओवर में उर्विल पटेल को बोल्ड कर टीम को दूसरी सफलता जरूर दिलाई, लेकिन तब तक चेन्नई की टीम मैच में पकड़ बना चुकी थी। मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी गलती यहीं नजर आई कि उन्होंने अपने प्रमुख गेंदबाज का इस्तेमाल सही समय पर नहीं किया।

जसप्रीत बुमराह, जो इस मैच में लय में दिख रहे थे, उन्हें चौथे ओवर के बाद सीधे 15वें ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाया गया। यानी बीच के अहम ओवरों में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। जब तक वह दोबारा अटैक पर आए, तब तक मैच लगभग मुंबई के हाथ से निकल चुका था।

मौजूदा दौर के टी20 क्रिकेट में जब आप 160 रन जैसे लक्ष्य का बचाव कर रहे होते हैं, तब अपने सबसे भरोसेमंद गेंदबाज को लंबे समय तक बाहर रखना किसी भी टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। यही गलती मुंबई इंडियंस से हुई।

हार्दिक पांड्या शायद बुमराह को आखिरी ओवरों के लिए बचाकर रखना चाहते थे, लेकिन मैच उस मोड़ तक पहुंच ही नहीं पाया। चेन्नई सुपर किंग्स ने 18.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। बुमराह को पूरे मैच में सिर्फ 3 ओवर ही डालने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 1 विकेट लेकर 20 रन खर्च किए।

अगर मुंबई इंडियंस ने बुमराह का बेहतर तरीके से उपयोग किया होता और शुरुआती ओवरों में उनसे ज्यादा गेंदबाजी कराई होती, तो चेन्नई पर दबाव बनाया जा सकता था। संभव है कि मैच का नतीजा भी अलग होता, लेकिन कप्तानी की यह एक बड़ी चूक टीम के लिए भारी पड़ गई।