FIFA वर्ल्ड कप के बीच अमेरिका की किरकिरी, इंग्लैंड टीम का ट्रेनिंग सामान चोरी; पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर पहले ही कई सवाल उठ चुके हैं। अब एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मेजबान अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। इंग्लैंड फुटबॉल टीम का कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनिंग सामान अमेरिका के कैनसस सिटी में चोरी हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार चोर प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण अपने साथ ले गए, जिनमें फुटबॉल, बूट और अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।

हैरी केन की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम को अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत 17 जून को क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले से करनी है। ऐसे में टूर्नामेंट के ठीक पहले हुई इस घटना ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

चोरी हुए सामान की जानकारी जुटाने में लगा फुटबॉल एसोसिएशन

इंग्लैंड के खिलाड़ी रविवार (भारतीय समयानुसार) को कैनसस सिटी पहुंचने वाले हैं। टीम के आगमन से पहले ही उनके प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण वहां भेज दिए गए थे। लेकिन ट्रेनिंग बेस तक सामान पहुंचाने के दौरान चोरी की वारदात हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैनसस सिटी पहुंचने से पहले ही इंग्लैंड टीम के ट्रेनिंग किट का कुछ हिस्सा गायब हो गया। फिलहाल फुटबॉल एसोसिएशन यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर कौन-कौन सी वस्तुएं चोरी हुई हैं। शुरुआती जानकारी में फुटबॉल और खिलाड़ियों के बूट समेत कई महत्वपूर्ण उपकरणों के गायब होने की बात सामने आई है।
ट्रेनिंग कार्यक्रम पर पड़ सकता है असर

बताया गया है कि कैनसस सिटी स्थित स्वोप सॉकर विलेज प्रशिक्षण केंद्र तक सामान ले जा रहे वाहनों को निशाना बनाया गया। इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल और उनका सहयोगी स्टाफ शनिवार दोपहर कैनसस सिटी पहुंचने वाला था, जबकि ट्रेनिंग उपकरण पहले ही वहां पहुंच जाने थे। लेकिन चोरी की घटना के कारण योजना प्रभावित हो गई।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे इस मामले में इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन के लगातार संपर्क में हैं। जांच शुक्रवार रात से ही शुरू कर दी गई थी और शुरुआती कार्रवाई में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का पूरा सामान बरामद किया जा सकता है या नहीं।

इस अप्रत्याशित घटना का असर इंग्लैंड की तैयारियों पर पड़ सकता है, क्योंकि टीम का पहला पूर्ण प्रशिक्षण सत्र रविवार को निर्धारित है। ऐसे में कोचिंग स्टाफ को अभ्यास कार्यक्रम में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं।

लंबे इंतजार को खत्म करने की उम्मीद में उतरी है इंग्लैंड

इंग्लैंड की टीम पिछले कई दशकों से विश्व कप खिताब का इंतजार कर रही है। उसने आखिरी बार 1966 में फीफा वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद से टीम किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो सकी है, जिसमें यूरोपीय चैम्पियनशिप भी शामिल है।

हालांकि इस बार इंग्लैंड को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। टीम के पास अनुभवी और शानदार गोल स्कोरर हैरी केन के साथ कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में इंग्लैंड ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और पिछले दो यूरो टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता साबित की है।

यही वजह है कि इस बार प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम लंबे समय से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म कर सकती है। हालांकि विश्व कप की शुरुआत से पहले हुई चोरी की घटना ने तैयारियों को थोड़ा प्रभावित जरूर किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसका टीम के प्रदर्शन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

ग्रुप एल में इंग्लैंड के सामने कड़ी चुनौती

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड को ग्रुप एल में रखा गया है, जहां उसके साथ क्रोएशिया, घाना और पनामा जैसी टीमें मौजूद हैं। इंग्लैंड अपना पहला मुकाबला क्रोएशिया के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 23 जून को घाना और 27 जून को पनामा से उसका सामना होगा।

गौरतलब है कि यह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण है, जिसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक कठिन और रोमांचक होने वाली है।