FIFA World Cup 2026: वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार दिखा ऐसा नज़ारा, ड्रॉ के बावजूद कनाडा ने रच दिया अनोखा रिकॉर्ड

FIFA World Cup 2026 के पहले मुकाबले में मेजबान कनाडा को अपने घरेलू मैदान पर जीत की शुरुआत नहीं मिल सकी और टीम को 1-1 की बराबरी से संतोष करना पड़ा। बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने एक-एक गोल किया और अंक साझा किए। खास बात यह रही कि फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार कनाडा की धरती पर कोई विश्व कप मैच आयोजित किया गया, क्योंकि इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा कर रहे हैं।

फीफा रैंकिंग में कनाडा से काफी नीचे मानी जाने वाली बोस्निया और हर्जेगोविना (63वें स्थान पर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत मानी जा रही कनाडाई टीम को ड्रॉ पर रोक दिया। मैच की शुरुआत में ही बोस्निया ने बढ़त हासिल कर ली थी, जब 19वें मिनट में जोवो लूकिच ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।

हालांकि शुरुआती बढ़त बोस्निया के नाम रही, लेकिन पूरे मुकाबले के दौरान गेंद पर नियंत्रण अधिकतर कनाडा के पास ही दिखाई दिया। मैच में कनाडाई खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आया, जिन्होंने लगभग 61 प्रतिशत समय गेंद अपने कब्जे में रखी। इसके अलावा कनाडा ने 13 बार विपक्षी पेनल्टी एरिया में जाकर गोल करने की कोशिश की, जबकि बोस्निया की टीम केवल 8 बार ही ऐसा कर सकी।
दूसरे हाफ में मुकाबला और भी ज्यादा एकतरफा दिखाई दिया, जहां बोस्निया और हर्जेगोविना ने रक्षात्मक रणनीति अपनाई। इसके बावजूद कनाडा लगातार आक्रामक खेल दिखाता रहा और बराबरी की तलाश में दबाव बनाता रहा। आखिरकार 78वें मिनट में क्रिस्टोफर लारिन ने गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया और टीम को हार से बचा लिया।

यह मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। यह ग्रुप बी का मैच था, जिसमें कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के अलावा स्विट्जरलैंड और कतर जैसी टीमें भी शामिल हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि कनाडा केवल तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहा है। इससे पहले 1986 में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी, जबकि 2022 में भी उसका सफर पहले दौर में ही समाप्त हो गया था। इस बार घरेलू मैदान पर मिली शुरुआत भले ही जीत में नहीं बदल सकी, लेकिन टीम के प्रदर्शन ने भविष्य के मुकाबलों के लिए उम्मीदें जरूर जगा दी हैं।