फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ FIFA World Cup 2026 इस बार अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही माहौल विवादों और चर्चाओं से गर्म हो चुका है। एक तरफ जहां आयोजनों की तैयारियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर मेजबान देश अमेरिका की सख्त सुरक्षा नीतियां लगातार सवालों के घेरे में आ रही हैं। हाल ही में सोमालिया के एक रेफरी को देश में प्रवेश न देने की घटना ने पहले ही बहस छेड़ दी थी, और अब खिलाड़ियों की अत्यधिक जांच ने आलोचना को और बढ़ा दिया है।
इस बार विवाद का केंद्र सेनेगल और उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय टीमें बनी हैं, जिनके खिलाड़ियों के साथ एयरपोर्ट और स्टेडियम में किए गए कठोर सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि खेल के माहौल में इस तरह की जांच खिलाड़ियों के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है।
एयरपोर्ट पर रनवे के पास हुई गहन जांच, वीडियो वायरलरिपोर्ट्स के अनुसार, टेक्सास के सैन एंटोनियो एयरपोर्ट पर सेनेगल की टीम के पहुंचते ही उन्हें रनवे के पास ही रोक लिया गया और वहीं पर विस्तृत सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सुरक्षा अधिकारी खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जांच कर रहे हैं, जिससे यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।
सेनेगल के मिडफील्डर Pathé Ciss, जो स्पेनिश क्लब रायो वैलेकानो से जुड़े हैं, उनके जूतों तक की हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इस दृश्य ने कई लोगों को हैरान कर दिया है, जबकि कुछ इसे सुरक्षा के नाम पर जरूरत से ज्यादा सख्ती बता रहे हैं।
उज्बेकिस्तान टीम की भी कड़ी सुरक्षा जांच, स्निफर डॉग्स का इस्तेमालइसी तरह 8 जून को न्यूयॉर्क के आइकॉन स्टेडियम में नीदरलैंड के खिलाफ फ्रेंडली मैच से पहले उज्बेकिस्तान की टीम को भी बेहद सख्त सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। टीम के खिलाड़ियों और स्टाफ को बस से उतरते ही लाइन में खड़ा कर दिया गया और चरणबद्ध तरीके से उनकी जांच शुरू की गई।
इस दौरान खिलाड़ियों के बैग अलग रखवा दिए गए, जेबें खाली करवाई गईं और पूरे शरीर की मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स का भी उपयोग किया, जो खासतौर पर बैगों और सामान की जांच के लिए लगाए गए थे।
इन कुत्तों की जांच प्रक्रिया के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे खिलाड़ियों के साथ अनुचित व्यवहार मान रहे हैं।
पहली बार विश्व कप में उतरेगा उज्बेकिस्तान, इतिहास रचने की तैयारीउज्बेकिस्तान ने इस बार इतिहास रचते हुए पहली बार FIFA World Cup के लिए क्वालिफाई किया है। टीम ने क्वालिफिकेशन अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 16 में से 10 मुकाबलों में जीत हासिल की, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विश्व कप के ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान को पुर्तगाल, डीआर कांगो और कोलंबिया जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है, जिससे उनका सफर आसान नहीं रहने वाला है।
सेनेगल का अनुभव और स्टार खिलाड़ी सादियो माने पर नजरेंदूसरी ओर, सेनेगल की टीम चौथी बार फीफा विश्व कप में हिस्सा लेने जा रही है। 2022 विश्व कप में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल यानी राउंड ऑफ 16 तक का सफर तय किया था, जिसने उनकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित किया था।
इस बार टीम ग्रुप आई में नॉर्वे, फ्रांस और इराक जैसी टीमों के साथ है, जिससे मुकाबला और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। टीम के सबसे बड़े स्टार खिलाड़ी Sadio Mané पर एक बार फिर सबकी नजरें टिकी हैं, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव और कौशल से टीम को आगे तक पहुंचाएंगे।