FIFA WC 2026: स्पेन से हार के बाद भावुक हुए क्रिस्टियानो रोनाल्डो, संन्यास पर तोड़ी चुप्पी; बोले- 'फिलहाल कोई जल्दबाजी नहीं करूंगा'

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में स्पेन के खिलाफ मिली हार के साथ ही पुर्तगाल का खिताबी सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इस हार के बाद फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो बेहद भावुक नजर आए। टूर्नामेंट से बाहर होने की निराशा उनके चेहरे पर साफ दिखाई दी, लेकिन उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और संन्यास को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी से इनकार कर दिया। रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य को लेकर सोच-समझकर ही कोई निर्णय लेंगे।

यह टूर्नामेंट रोनाल्डो के करियर का छठा और संभवतः अंतिम फीफा वर्ल्ड कप माना जा रहा था। वर्षों तक पुर्तगाल की उम्मीदों का केंद्र रहे इस दिग्गज खिलाड़ी का वर्ल्ड कप सफर इस बार भी ट्रॉफी के बिना समाप्त हो गया। मुकाबले के निर्णायक क्षण में स्पेन के मिकेल मेरिनो ने 91वें मिनट में विजयी गोल दागकर पुर्तगाल को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसके बाद स्टॉपेज टाइम में मिली आखिरी फ्री-किक का मौका भी टीम भुना नहीं सकी और हार के साथ अभियान समाप्त हो गया।

मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि इस तरह विश्व कप से बाहर होना बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और पूरी ईमानदारी से टीम के लिए खेला। उन्होंने कहा, बिना ट्रॉफी के इस तरह वर्ल्ड कप खत्म होना निश्चित रूप से दुखद है। मैंने अपनी पूरी क्षमता झोंक दी और अब मैं संतोष के साथ जा रहा हूं कि मैंने कोई कमी नहीं छोड़ी।

संन्यास के सवाल पर रोनाल्डो ने कहा कि वह भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि अब वह कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहते हैं और उसके बाद ही अपने भविष्य को लेकर विचार करेंगे। उन्होंने कहा, यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन फिलहाल मैं किसी भी तरह का जल्दबाजी में फैसला नहीं लेने वाला हूं। मैं हमेशा सोच-समझकर निर्णय लेता हूं, भावनाओं में आकर नहीं।

अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए रोनाल्डो ने पुर्तगाल फुटबॉल के इतिहास में अपने योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके आने से पहले पुर्तगाल ने कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीता था, जबकि उनके नेतृत्व में टीम ने यूरो 2016 और दो बार यूईएफए नेशंस लीग का खिताब अपने नाम किया। उनके अनुसार यूरो 2016 की सफलता उनके लिए विश्व कप जीतने जितनी ही महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।
रोनाल्डो ने कहा, मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते हैं। मेरे करियर से पहले हमारी राष्ट्रीय टीम के पास कोई अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी नहीं थी। 2016 की यूरोपियन चैंपियनशिप मेरे लिए वर्ल्ड कप के बराबर महत्व रखती है। वह उपलब्धि हमेशा मेरे दिल के बेहद करीब रहेगी।

इस बीच पुर्तगाल के विश्व कप से बाहर होने के साथ ही टीम के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने भी अपने पद से हटने की पुष्टि कर दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रोनाल्डो ने मार्टिनेज की खुलकर तारीफ की और कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। उन्होंने कहा कि मार्टिनेज केवल एक उत्कृष्ट कोच ही नहीं, बल्कि बेहतरीन इंसान भी हैं, जिन्होंने पुर्तगाल फुटबॉल के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

रोनाल्डो ने कहा, उनके साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात रही। उन्होंने टीम को नई दिशा देने का प्रयास किया और खिलाड़ियों का हमेशा समर्थन किया। मैं उनके योगदान के लिए उनका धन्यवाद करता हूं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

अपनी बात समाप्त करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट से इस तरह बाहर होना स्वाभाविक रूप से निराशाजनक होता है, लेकिन फुटबॉल में हार-जीत खेल का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल की टीम धीरे-धीरे अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट रही थी और उनके अनुसार टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नतीजा किसी भी दिशा में जा सकता था, लेकिन अब समय है कि टीम इस हार से सीख लेकर आगे बढ़े और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करे।