पूरा देश कोरोना के कहर से लड़ाई कर रहा हैं जिसमें वैक्सीनेशन का महत्वपूर्ण योगदान हैं। संक्रमण की चेन को तोड़ने में वैक्सीनेशन बहुत जरूरी हैं। ऐसे में सरकार द्वारा ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन अभियान को तेज किया जा रहा हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। लेकिन कई लोग अभी भी वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। इसका एक खौफनाक नजारा देखने को मिला राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में जहां एक बुजुर्ग महिला में वैक्सीनेशन का ऐसा खौफ देखने को मिला कि वह झाड़ियों में लाश के समान छुप गई। इसी दौरान किसी ने महिला के शव पड़े होने की बात कही। सरपंच प्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो महिला जिंदा थी। तब जाकर झाड़ियों से वृद्धा को निकाला गया। बाहर आने के बाद महिला टीका नहीं लगाने की मिन्नतें करती रही।
मामला ग्राम पंचायत किरतपुरा के गांव बाघेलो का खेड़ा का है। यहां वैक्सीनेशन का शिविर लगाया गया था। इस दौरान 70 वर्षीय धापू बाई गमेती वैक्सीनेशन से इतनी डरी हुई थीं कि गांव के पास जंगल के झाड़ियों में जाकर भूखी प्यासी छुपकर लेट गईं। पास के खेत में काम कर रहे किसी व्यक्ति ने महिला को झाड़ियों में पड़ा देखा तो सरपंच प्रतिनिधि नीति राज सिंह को सूचना दी। उसने बताया कि मेरे कुएं के पास झाड़ियों में किसी महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर सरपंच प्रतिनिधि सहित कई लोग मौके पर पहुंचे।सरपंच प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर देखा तो महिला जिंदा थी। वृद्धा को झाड़ियों के पीछे से निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने बार-बार उसे समझाया। इस दौरान महिला हाथ-पांव जोड़ने लगी और बोली कि मुझे टीका मत लगाना। सरपंच प्रतिनिधि ने बहुत समझाया, तब जाकर महिला बाहर आई। बाहर आने के बाद सबसे पहले महिला को पानी पिलाया गया। महिला काफी डर गई थी। वृद्धा ने कहा- अगर मैं टीका लगाउंगी तो मर जाऊंगी। आखिरकार उसे टीका नहीं लगाया गया। इधर, सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि कुछ लोगों ने टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों के मन में डर पैदा कर दिया है। प्रशासन को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।