उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक बेहद दुखद सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बंगापानी–मदकोट मार्ग पर 15 मार्च को एक कार के गहरी खाई में गिरने से तीन युवकों की जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने न केवल परिवारों को बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार, 15 मार्च को कुछ युवक इनोवा कार में सवार होकर मदकोट के रास्ते मुनस्यारी की तरफ जा रहे थे। यात्रा के दौरान जब उनका वाहन बंगापानी से लगभग एक किलोमीटर पहले एन बैंड के पास पहुंचा, तभी अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही देर में पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया और खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने की कोशिश की गई।
जब बचाव टीम कार तक पहुंची तो देखा कि वाहन बुरी तरह टूट चुका था। दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान लक्ष्मण सिंह नेगी और अंकित पांडे के रूप में हुई है। लक्ष्मण सिंह नेगी मूल रूप से मुनस्यारी के धूरातोली गांव के निवासी थे, जबकि वर्तमान में उनका परिवार पिथौरागढ़ में रह रहा था। वहीं अंकित पांडे, जिनकी उम्र लगभग 27 वर्ष बताई जा रही है, पिथौरागढ़ के दौला क्षेत्र के रहने वाले थे।
इस भीषण दुर्घटना में दो अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों की पहचान आयुष पंत और देवेश पंत के रूप में हुई है, जो दोनों पिथौरागढ़ के ही निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
प्राथमिक तौर पर उन्हें निजी वाहनों के जरिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर किया गया। हालांकि इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में अस्कोट के पास आयुष पंत ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। वहीं देवेश पंत की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
मृतकों में शामिल लक्ष्मण सिंह नेगी भारतीय सेना से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि वे सेना की एएमसी यानी आर्मी मेडिकल कोर में तैनात थे। उनके असमय निधन की खबर से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग और परिचित इस घटना से बेहद दुखी हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि वाहन के अनियंत्रित हो जाने के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
इस दुखद घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सड़कों की स्थिति और खतरनाक मोड़ों के कारण अक्सर इस तरह के हादसे हो जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को बेहद सतर्कता के साथ वाहन चलाने की जरूरत होती है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।