गुजरात के राजकोट से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। राजस्थान के जैसलमेर जिले के फलसूंड गांव के रहने वाले एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र रतन कुमार मेघवाल (23) ने कथित तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना 14 मार्च 2026 की तड़के सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार रतन ने जामनगर रोड पर स्थित घन्टेश्वर क्षेत्र के पास रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटनास्थल से मिला 17 पन्नों का सुसाइड नोटघटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान रतन का बैग बरामद किया। इस बैग से करीब 17 पन्नों का एक लंबा सुसाइड नोट मिला है, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। इस नोट में रतन ने अपने साथ पढ़ने वाले पांच सहपाठियों पर शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट के अनुसार, जनवरी 2026 से एक महिला मित्र को लेकर उपजे संदेह के कारण उसके कुछ सहपाठी उसे लगातार निशाना बना रहे थे। रतन ने लिखा कि इन छात्रों द्वारा न केवल उसके साथ मारपीट की जाती थी, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी काफी प्रताड़ित किया जा रहा था। इस लगातार दबाव के चलते वह बेहद परेशान और तनाव में रहने लगा था।
पांच छात्रों के खिलाफ दर्ज हुआ मामलासुसाइड नोट सामने आने के बाद रतन के पिता मोहनलाल मेघवाल ने राजकोट के गांधीग्राम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने रतन द्वारा नामजद किए गए पांच छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रतन ने अपने नोट में प्रणव पालीवाल, अस्मित शर्मा, युवराज चौधरी, निर्विघ्नम यादव और आयुष यादव को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत से रिमांड हासिल किया है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिशपुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि रतन इससे पहले दो बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका था। उन घटनाओं के बाद उसकी काउंसलिंग भी करवाई गई थी, ताकि वह मानसिक रूप से बेहतर महसूस कर सके।
हालांकि रतन के परिजनों का कहना है कि यदि पहले आत्महत्या के प्रयास के समय ही मामले को गंभीरता से लेकर सख्त कार्रवाई की जाती, तो शायद आज रतन की जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।
फिलहाल पुलिस इस संवेदनशील मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।