जयपुर (Jaipur) में मंगलवार को एक पॉश इलाके के यूनिक टॉवर सोसाइटी में फ्लैट में घुसकर महिला की हत्या और उसके 21 महीने के बच्चे को अगवा कर हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा दिया है। पुलिस का कहना है कि इस हत्या के पीछे महिला के पति का हाथ है। पुलिस ने हत्यारे पति को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले का खुलासा करेंगे। पुलिस के मुताबिक श्वेता के पति रोहित तिवारी ने ही उसकी हत्या करवाई थी। पुलिस को बरगलाने के लिए वो तीन दिन से लगातार झूठ बोल रहा था। लेकिन करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने गहनता से मामले की प्रत्येक पहलू की जांच की तो केस आइने की तरफ साफ हो गया। पुलिस ने हत्यारे पति को दबोच लिया है और अब उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने नौ जनवरी को घटना की सभी कड़ियों को जोड़ते हुए हत्यारे को अपनी गिरफ्त में ले लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद रोहित से उसका आमना-सामना करवाया तो वो सहम उठा। इसके बाद पुलिस ने रात भर रोहित से पूछताछ की तो शुक्रवार सुबह होते-होते वो टूट गया और उसने इस गुनाह की साजिश रचने की बात कबूल ली।
पुलिस का कहना है कि हत्यारा रोहित तिवारी का परिचित था। रोहित ने एक-दो बार आरोपी को शराब भी पिलाई थी। आरोपी कुछ समय से जयपुर में ही रह रहा था। वारदात के बाद रोहित अपने बयानों से लगातार पुलिस को भ्रमित करता रहा, जिससे इस मामले का खुलासा होने में तीन दिन लग गया।बता दें कि सात जनवरी की शाम लगभग साढ़े पांच बजे श्वेता तिवारी का खून से सना शव उनके फ्लैट में मिला था और उसका 21 महीने का बेटा श्रीयम गायब था। इसके बाद आरोपी ने श्वेता के फोन से उनके पति रोहित के मोबाइल पर श्रेयम का अपहरण करने और उसे छोड़ने की एवज में 30 लाख रुपए फिरौती देने का मैसेज आया था। अपहरण की बात सामने आते ही मर्डर की गुत्थी उलझ गई। पुलिस श्रीयम को ढूंढने का प्रयास कर ही रही थी कि आठ जनवरी की शाम उसका शव भी सोसायटी के पास पड़ा मिला