राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- 'छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए अमित शाह जिम्मेदार, प्रधानमंत्री उन्हें पद से हटाएं'

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों से पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में अपने भाषण के दौरान हुए हंगामे के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित कार्रवाई के लिए सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें पद से हटाने की मांग की।

'छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार'


प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने घायलों से जुड़े एम्स (AIIMS) के मेडिकल दस्तावेज भी देखे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह मुद्दा संसद में उठाने की कोशिश की तो उन्हें लगातार बीच में रोका गया और अपनी बात पूरी करने का मौका नहीं मिला।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित बल प्रयोग की जवाबदेही सीधे गृह मंत्रालय की है, इसलिए इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेनी चाहिए।

'कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटा गया'

कांग्रेस नेता ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को ऐसी लाठियों से पीटा गया जिनमें कीलें लगी हुई थीं। राहुल गांधी ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई और कई ऐसे लोग कार्रवाई में शामिल थे जो पुलिस की वर्दी में नहीं थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं थी और आशंका जताई कि वे किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन से जुड़े हो सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
प्रधानमंत्री से अमित शाह को हटाने की मांग

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ जो कार्रवाई हुई, उसकी जिम्मेदारी से गृह मंत्री बच नहीं सकते। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हुए कहा कि अमित शाह को गृह मंत्री के पद से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कथित कार्रवाई गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है और ऐसे मामलों की अंतिम जवाबदेही भी वहीं तय होती है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल जैसी कार्रवाई बिना उच्च स्तर की अनुमति के संभव नहीं हो सकती। इसी आधार पर उन्होंने गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग दोहराई।

'दिल्ली पुलिस, CRPF और RAF गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती हैं'

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई से गृह मंत्रालय खुद को अलग नहीं कर सकता।

उन्होंने यह भी बताया कि 25 जुलाई को उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को इस पूरे मामले को लेकर एक पत्र लिखा था, लेकिन अब तक उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को इस मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और छात्रों के साथ हुई कथित घटनाओं पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

'संसद में मुझे बोलने नहीं दिया गया'


प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने लिखा कि संसद में जब उन्होंने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया और उसके लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया, तब भाजपा सांसदों ने उन्हें बोलने नहीं दिया।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि शाम छह बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह वे सभी बातें देश के सामने रखेंगे, जिन्हें संसद में कहने का अवसर नहीं मिला। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, माइक बंद कर सकते हैं, छात्रों की गूंज नहीं।

छात्रों के आंदोलन की सराहना, शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने हाल ही में हुए NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने जिस साहस और दृढ़ता के साथ अपनी आवाज उठाई है, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल परीक्षा से जुड़ा नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में भरोसे की लड़ाई भी है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि देश में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और इसका तेजी से व्यवसायीकरण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज छात्रों और उनके परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। राहुल के मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था ऐसी दिशा में पहुंच गई है जहां आम परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।