कंगना के 'गटर जनरेशन' बयान पर अभिजीत दीपके का करारा जवाब- 'उन्हें कौन सीरियस लेता है'

आंदोलनकारी छात्रों और Gen-Z पीढ़ी को लेकर दिए गए अपने विवादित बयानों के बाद भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने एक नया सेल्फी वीडियो जारी कर अपने पुराने बयान का बचाव किया और कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र भाषा तथा अश्लील व्यवहार को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कंगना के इस वीडियो के सामने आने के बाद विवाद और तेज हो गया है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी उनकी टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अभिजीत दीपके का तीखा जवाब

जब समाचार एजेंसी ANI ने अभिजीत दीपके से कंगना रनौत के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, अरे, उन्हें आखिर गंभीरता से लेता ही कौन है? उनके इस छोटे लेकिन तीखे जवाब की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।

वहीं, मशहूर गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रदर्शनकारी युवाओं की भाषा को लेकर तो लगातार सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। उनके अनुसार, इस तरह का रवैया दोहरे मानदंड को दर्शाता है।

वीडियो जारी कर कंगना ने दी सफाई

लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक सेल्फी वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया उनके विचारों को तोड़-मरोड़कर दिखा रहा है, जबकि उनका उद्देश्य केवल समाज में बढ़ती अभद्रता और असभ्य व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना है।

वीडियो में कंगना ने कहा, हम अपने समाज में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनने दे सकते। हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे ऐसी चीजें देखें या बुजुर्गों के सामने हमें शर्मिंदगी महसूस करनी पड़े। यदि समाज में रहना है तो संविधान और सामाजिक मर्यादाओं का सम्मान करना होगा। आपकी आजादी वहीं तक है, जहां से दूसरे व्यक्ति के अधिकार शुरू होते हैं।
प्रधानमंत्री के खिलाफ नारों पर भी जताई आपत्ति

कंगना रनौत ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि देश के कई बच्चे प्रधानमंत्री को प्रेरणा के रूप में देखते हैं। कुछ लोग उन्हें अपना नेता, दोस्त या भगवान जैसा मानते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक भाषा और गालियों का इस्तेमाल किसी भी तरह से सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकता।

इसके साथ ही उन्होंने कुछ महिला एंकरों और विचारकों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे युवाओं को गलत दिशा में ले जा रही हैं। कंगना ने कहा कि ऐसे लोगों के बहकावे में आकर युवा अपना भविष्य खराब न करें, क्योंकि इसका परिणाम अंततः उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

कैसे शुरू हुआ 'जनरेशन गटर' विवाद?

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं और युवाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि कुछ लोग बिना मेहनत किए स्वतंत्र और आधुनिक दिखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कुछ महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें जनरेशन गटर कह दिया।

कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास, कई छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की और इसे अपमानजनक बताया। अब कंगना की सफाई और अभिजीत दीपके के पलटवार के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।