बीकानेर में बढ़ता जा रहा ब्लैक फंगस का कहर, शुक्रवार को हुई चौथी मौत, अब तक 23 रोगी भर्ती

बीकानेर में जहां एक तरफ कोरोना सिमटता नजर आ रहा हैं, वहीँ ब्लैक फंगस अपना प्रसार करता जा रहा हैं। ब्लैक फंगस की चपेट में आने से शुक्रवार को एक और महिला की बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में मौत हो गई। पिछले चार दिनों में यह चौथी मौत है, जिसमें तीन श्रीगंगानगर जिले की है। शुक्रवार को जिस महिला की मौत हुई है, उसका नाम किरण देवी है और वो श्रीगंगानगर के विजयनगर की रहने वाली थी।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में पी वार्ड को ब्लैक फंगस वार्ड बनाने के बाद 23 रोगियों को यहां भर्ती किया गया था। जिसमें चार की मौत हो चुकी है, जबकि 19 का इलाज अभी चल रहा है। इनमें चार रोगियों को शुक्रवार को ही यहां भर्ती किया गया है। यहां भर्ती रोगियों में सिर्फ कोविड रोगी ही नहीं है बल्कि नॉन काेविड रोगी भी है। ऐसे में बिना कोरोना हुए भी ब्लैक फंगस आने की शिकायत मिल रही है। वहीं पोस्ट कोविड रोगियों में भी ब्लैक फंगस हो रहा है। पीबीएम में भर्ती रोगियों में डेढ़ साल का चूरू का अजमल भी है जिसके नाक व होठ पर ब्लैक फंगस है। इस बच्चे का ऑपरेशन होना हैं, लेकिन वो अब तक फिट नहीं है। माना जा रहा है कि एक दो दिन में उसका ऑपरेशन हो सकता है।राजस्थान में मंडराने लगा ब्लैक फंगस का खतरा, मिल चुके 1345 मरीज, 50 की गई जान

लेकिन कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का खतरा मंडराने लगा हैं जो राज्य के सभी 33 जिलों में पहुंच चुका हैं। पूरे प्रदेश में इसके 1345 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 50 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। सबसे अधिक 500 केस जयपुर में आए हैं और सर्वाधिक 10 मौतें भी यहीं हुई हैं। हालांकि, प्रदेश में अब तक हुई कुल 50 मौतों में 3 बाहरी राज्यों की हैं। ब्लैक फंगस इतना खतरनाक है कि नाक, आंख और दिमाग में भी फैल जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण कोरोना से ठीक हो रहे या ठीक हो चुके मरीजों को अपनी चपेट में ज्यादा ले रहा है। सबसे ज्यादा खतरा डायबिटिक मरीज को स्टेराइड या टोसीलिजुमाब दवाओं का सेवन करने, कैंसर मरीज और कमजोर इम्युनिटी वाले रोगियों को होता है।