मशहूर उद्योगपति और बजाज ग्रुप (Bajaj Group) के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज (Rahul Bajaj) का आज शनिवार को पुणे में निधन हो गया। वह 83 साल के थे। बजाज लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। वह करीब 5 दशक तक बजाज ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े रहे। 2001 में उन्हें पद्म भूषण का सम्मान भी मिल चुका है। रूबी हॉल क्लिनिक के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ। पुरवेज ग्रांट ने कहा कि वह पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें निमोनिया था और दिल की भी समस्या थी। राहुल बजाज ने दोपहर 2:30 बजे आखिरी सांस ली है। इस दौरान उनके परिवार के करीबी सदस्य उनके पास मौजूद थे। साल 2001 में मिला था पद्म भूषण
देश के सफलतम उद्योगपतियों में शामिल राहुल बजाज ने दुपहिया और तिपहिया वाहनों के क्षेत्र में बजाज ऑटो को खड़ा किया और उसे अग्रणी स्थान तक पहुंचाया। वह साल 2006 से लेकर 2010 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे। साल 2001 में उन्हें पद्म भूषण का सम्मान भी मिल चुका है। उनकी अगुआई में बजाज ऑटो का टर्नओवर 7।2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक पहुंच गया और यह स्कूटर बेचने वाली देश की अग्रणी कंपनी बन गई। वे 50 साल तक बजाज ग्रुप के चेयरमैन रहे। 2005 में राहुल ने बेटे राजीव को कंपनी की कमान सौंपनी शुरू की थी। तब उन्होंने राजीव को बजाज ऑटो का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया था, जिसके बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कंपनी के प्रोडक्ट की मांग न सिर्फ घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ गई।राहुल बजाज का जन्म 10 जून, 1938 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की थी। इसके अलावा बजाज के पास बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल एमबीए की डिग्री भी थी।
उन्होंने 1968 में बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के सीईओ का पदभार संभाला और 1972 में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने 1979 से 1980 तक सीआईआई (CII) के अध्यक्ष और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
उन्हें 1986-89 तक तत्कालीन इंडियन एयरलाइंस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था और 1999-2000 के दौरान दूसरी बार सीआईआई के अध्यक्ष बने। अप्रैल 2021 में उन्होंने बजाज ऑटो के चेयरमैन के रूप में पद छोड़ दिया। हालांकि उन्हें 5 साल के लिए कंपनी के एमेरिटस चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया था।