LPG डिलीवरी में आई मामूली रुकावट, जानिए अब कितने दिनों में आपके घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर

देशभर में एलपीजी गैस सप्लाई को लेकर हालिया घटनाक्रम ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासकर खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर सप्लाई चेन पर हल्के रूप में जरूर देखने को मिला है। इसी बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas की जॉइंट सेक्रेटरी Sujata Sharma ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हालांकि, वितरण प्रक्रिया में थोड़ी सुस्ती जरूर आई है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है।

डिलीवरी टाइमिंग की बात करें तो अब गैस सिलेंडर घर तक पहुंचने में पहले से थोड़ा ज्यादा वक्त ले सकता है। जहां पहले 2 से 3 दिनों के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब इसकी डिलीवरी में 4 से 5 दिन तक का समय लग सकता है। यानी उपभोक्ताओं को औसतन 1 से 2 दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है। इसके साथ ही डिलीवरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए OTP आधारित सिस्टम लागू किया गया है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे OTP केवल अधिकृत डिलीवरी कर्मी के साथ ही साझा करें, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
डिलीवरी में हो रही इस देरी के पीछे असल वजह गैस की कमी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का व्यवहार बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने एहतियातन समय से पहले ही गैस सिलेंडर बुक कराना शुरू कर दिया है। इस तरह की पैनिक बुकिंग के कारण कुल बुकिंग में करीब 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सप्लाई नेटवर्क पर अचानक दबाव बढ़ गया है। इसी अतिरिक्त लोड की वजह से डिलीवरी प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। हालांकि, यह स्थिति स्थायी नहीं है और आने वाले समय में इसमें सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जहां तक बुकिंग नियमों का सवाल है, शहरी उपभोक्ताओं के लिए एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग करने के लिए 25 दिन का अंतर अनिवार्य है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तय की गई है। यह नियम सभी उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से लागू किया गया है, ताकि सप्लाई का संतुलन बना रहे और हर व्यक्ति को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

सरकार ने नागरिकों से संयम बरतने और बिना जरूरत के बुकिंग से बचने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक देश में एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है। यदि उपभोक्ता समझदारी से काम लें और अनावश्यक घबराहट से बचें, तो सप्लाई व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी और सभी तक समय पर गैस पहुंचती रहेगी।