राजस्थान में शहरी जीवनशैली और व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम देने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश के कई शहरों में 24 घंटे बाजार संचालित करने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। पहले चरण में जयपुर, जोधपुर और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों समेत कुल 123 बड़े शहरों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में इस पहल का विस्तार गांवों और छोटे कस्बों तक किया जाएगा, जिससे व्यापक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के इस फैसले से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। चौबीसों घंटे बाजार खुले रहने से न सिर्फ खरीदारी के विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि पर्यटन और नाइट लाइफ को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा, खासकर सेवा और रिटेल सेक्टर में। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब लाइसेंस प्रणाली को खत्म कर आजीवन पंजीकरण की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे प्रक्रियाएं सरल होंगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
हालांकि, इस नई व्यवस्था के साथ कुछ स्पष्ट नियम और शर्तें भी निर्धारित की गई हैं, ताकि कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नियोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी कर्मचारी से प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक कार्य न लिया जाए और साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे से अधिक न हो। साथ ही हर कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य अवकाश देना होगा। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि 24 घंटे बाजार खोलने की घोषणा राज्य सरकार ने बजट 2026-27 के दौरान की थी। यह प्रावधान राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्थानों पर लागू होगा। अधिसूचना पूरी तरह तैयार है और जैसे ही इसका प्रकाशन राजपत्र में होगा, यह नियम प्रभावी हो जाएगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर इजरायल-ईरान के बीच तनाव के कारण इसके लागू होने में कुछ देरी देखी जा रही है।
इस नई पहल से आम नागरिकों को भी कई सुविधाएं मिलेंगी। देर रात तक काम करने वाले लोगों के लिए खरीदारी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध रहना आसान होगा। शिफ्ट आधारित कार्य प्रणाली के चलते आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और व्यवसायों को भी अधिक लचीलापन मिलेगा। इसके अलावा, भू-उपयोग परिवर्तन, भवन निर्माण और श्रम विभाग से जुड़ी स्वीकृतियों के लिए बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हो जाएगी।
सेवा क्षेत्र में इस बदलाव का सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। नए संस्थानों के खुलने के साथ-साथ मौजूदा बड़े प्रतिष्ठानों में भी नाइट शिफ्ट के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता बढ़ेगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं के लिए नौकरी के विकल्प बढ़ेंगे। साथ ही, रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए तय की गई शर्तों में कर्मचारियों को सवैतनिक साप्ताहिक अवकाश देना, ओवरटाइम का पूरा रिकॉर्ड रखना, अतिरिक्त कार्य के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान करना और नियुक्ति पत्र जारी करना शामिल है। इन सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, अन्यथा दी गई छूट स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
छोटे व्यापारियों को भी इस नीति में विशेष राहत दी गई है। जिन दुकानों या संस्थानों में 0 से 10 तक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें पंजीकरण से छूट दी जाएगी। यानी वे भी 24 घंटे अपना व्यवसाय चला सकेंगे, लेकिन कुछ शर्तों में उन्हें लचीलापन मिलेगा। इससे छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को काफी फायदा होने की संभावना है।
सरकार की योजना है कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को और व्यापक बनाया जाए। दूसरे चरण में हाईवे के किनारे स्थित ढाबों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और लोगों की आय में सुधार होगा।
पहले चरण में इन शहरों में खुलेंगे 24 घंटे बाजार…जयपुर संभागजयपुर, चौमूं, कोटपूतली, सांभर, फुलेरा, चाकसू, शाहपुरा, बस्सी, अलवर, राजगढ़, खैरथल, भिवाड़ी, बहरोड़, तिजारा, दौसा, बांदीकुई, लालसोट, सीकर, फतेहपुर, रामगढ़, लक्ष्मणगढ़, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला, झुंझुनूं, नवलगढ़, चिड़ावा, पिलानी, बिसाऊ, मुकंदगढ़, उदयपुरवाटी और टोंक।
जोधपुर संभागजोधपुर, पीपाड़, बिलाड़ा, फलौदी, पाली, सोजत, सादड़ी, सुमेरपुर, बाली, जैतारण, फालना, जालोर, भीनमाल, सांचौर, सिरोही, आबूरोड, शिवगंज, नागौर, लाडनूं, मेड़ता सिटी, कुचामन सिटी, मकराना, डीडवाना, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर।
अजमेर संभागअजमेर, नसीराबाद, ब्यावर, किशनगढ़, केकड़ी, बिजयनगर
उदयपुर संभागउदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा, राजसमंद, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, कपासन, प्रतापगढ़
कोटा संभागकोटा, रामगंजमंडी, बारां, झालावाड़, भवानीमंडी, झालरापाटन, बूंदी, लाखेरी, केशोरायपाटन, नैनवां
भरतपुर संभागभरतपुर, डीग, कामां, बयाना, धौलपुर, बाड़ी, राजाखेड़ा, करौली, हिंडौन, टोडाभीम
बीकानेर संभागबीकानेर, नोखा, लूणकरणसर, चूरू, रतनगढ़, सरदारशहर, सुजानगढ़, तारानगर, सादुलपुर (राजगढ़), डूंगरगढ़, बीदासर, राजलदेसर, श्रीगंगानगर, रायसिंहनगर, करणपुर, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, नोहर, भादरा, संगरिया।