शेयर बाजार में भारी बिकवाली का सैलाब! सेंसेक्स 1600 अंक गिरा, निफ्टी 22,400 के नीचे फिसली

हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी नकारात्मक रही। सोमवार को लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों में बेचैनी फैल गई। सेंसेक्स लगभग 1600 अंक टूटकर 71,947 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 22,400 के महत्वपूर्ण स्तर से गिरकर 22,331 पर पहुंच गया। बाजार की यह व्यापक गिरावट निवेशकों के लिए चेतावनी की घंटी बन गई है।

आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, FMCG, बैंकिंग, रियल्टी, टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर में 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे छोटे और मंझोले निवेशकों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा।

बैंकिंग सेक्टर पर विशेष दबाव


आज सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर रहा। इसका मुख्य कारण रिजर्व बैंक का हालिया फैसला है। RBI ने बैंकों के विदेशी मुद्रा एक्सपोजर को लेकर नियमों में सख्ती बढ़ा दी है। इस कदम के बाद बैंकों को अपनी पोजीशन घटाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे बैंकिंग शेयरों में बिकवाली तेज हो गई।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार गिरने का बड़ा कारण बनी। ब्रेंट क्रूड की कीमत $115 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात ने सप्लाई पर दबाव बढ़ा दिया है। महंगे तेल के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार पर पड़ता है।

सबसे ज्यादा गिरावट किस शेयर में?


निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एसबीआई और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। वहीं, कुछ शेयर जैसे हिंदाल्को, कोल इंडिया और ONGC में मामूली तेजी देखने को मिली।

निवेशकों के लिए संकेत


विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल कायम है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और नीतिगत फैसले आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।