राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़, SIT फिर कर सकती है चंपत राय से पूछताछ, जांच हुई तेज

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब इस बहुचर्चित प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से विशेष जांच दल (SIT) दोबारा पूछताछ कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब छह घंटे तक विस्तृत पूछताछ की गई। दोनों ने जांच अधिकारियों को बताया कि उन्हें चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी की जानकारी काफी देर से मिली थी।

बताया जा रहा है कि दोनों पदाधिकारियों के बयानों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान उनके बयान और पहले दर्ज किए गए तथ्यों में कोई अंतर या नए तथ्य सामने आते हैं, तो इन्हीं के आधार पर चंपत राय को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सबसे अधिक सवाल चंपत राय की भूमिका को लेकर उठे हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

आरोपी अविनाश से 13 घंटे तक चली लंबी पूछताछ

शुक्रवार को इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश से अयोध्या पुलिस ने लगभग 13 घंटे तक लगातार पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने उससे चढ़ावे की गिनती, नकदी के प्रबंधन और कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी साक्ष्य जुटा रही है। संभावना जताई जा रही है कि आज पुलिस किसी अन्य आरोपी की पुलिस कस्टडी की मांग को लेकर अदालत में आवेदन दाखिल कर सकती है, ताकि पूछताछ का दायरा और आगे बढ़ाया जा सके।

महामंडलेश्वर विष्णु दास ने लगाए गंभीर आरोप


राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर महामंडलेश्वर विष्णु दास की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, चंपत राय ने वर्षों में जो भरोसा और प्रतिष्ठा बनाई थी, उसे अब दोबारा हासिल करना आसान नहीं होगा। मुझे जानकारी मिली है कि टिन्नू यादव ने ही इस कथित चोरी की सूचना समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाई थी। यह घटनाएं केवल हाल की नहीं हैं, बल्कि कुंभ से पहले भी ऐसी गड़बड़ियां होती रही हैं और यह सब चंपत राय की निगरानी में हुआ। चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष समेत सभी जिम्मेदार लोगों को जेल जाना पड़ेगा।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा अभी तक नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने जांच पर जताया भरोसा

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार पहले भी होता था, लेकिन उस समय ऐसे मामलों को दबा दिया जाता था और दोषियों को संरक्षण मिलता था। अब हमारी सरकार में ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच हो रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा, हमें जांच एजेंसियों की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। बिना सबूत किसी पर आरोप लगाने या लोगों को भ्रमित करने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए। जांच एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ती है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पूरे देश की निगाहें जांच पर टिकीं


राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। साथ ही इसका राजनीतिक असर भी लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी लंबे समय तक राम मंदिर आंदोलन को अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल करती रही है और इसी पृष्ठभूमि में यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में एसआईटी की जांच, आरोपियों से पूछताछ और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।