राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जनसभा और पदयात्रा का आयोजन किया। रामलीला मैदान में हुई सभा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संबोधित किया। इसके बाद दोनों नेता त्रिपोलिया गेट तक निकाली गई पदयात्रा में शामिल हुए और आमजन से लोकतंत्र की रक्षा करने की अपील की। सभा में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की बात करने से पहले पार्टी को अपने पुराने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल, संविधान के अनुच्छेद 356 के कथित दुरुपयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस की मौजूदा भूमिका पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों, जल जीवन मिशन और कुछ अधिकारियों से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया।
आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र की बात करने से पहले अपने पुराने फैसलों और कार्यों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने वर्ष 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को दबाया गया था। उनके मुताबिक, आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों को महीनों तक जेल में रहना पड़ा और उनके परिवारों को भी काफी परेशानी तथा यातनाएं झेलनी पड़ीं। भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के जरिए अलग-अलग स्थानों पर चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने आचरण से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना सिखाया।
उन्होंने कहा कि एक वोट से सरकार गिरने के बावजूद वाजपेयी ने संसद में लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की और राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, BJP ने विपक्ष में रहते हुए भी लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान किया।
सेना, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर सवाल उठाने का आरोपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सेना, निर्वाचन आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार इन संस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर रही है, जिससे उनकी साख पर प्रहार होता है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर कही यह बात
मुख्यमंत्री ने भाजपा के संगठनात्मक कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता साल के 365 दिन, महीने के 30 दिन और दिन के 24 घंटे जनता के बीच रहकर सेवा करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और आम लोगों की संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम करना है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता संसद में हंगामा करने के बाद विदेश चले जाते हैं और जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा से बचते हैं। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि यदि उसमें साहस है तो वह संसद में आकर तथ्यों और तर्कों के आधार पर बहस करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आरोप लगाने से राजनीति नहीं होती, बल्कि जनता का विश्वास जीतना पड़ता है।
दो साल बनाम पांच साल के कार्यकाल पर कांग्रेस को चुनौतीअपने भाषण में भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की मौजूदा भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल की तुलना पिछली कांग्रेस सरकार के पांच साल के शासन से भी की। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने विधानसभा में ‘दो साल बनाम पांच साल’ के आधार पर खुली बहस का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पहले और दूसरे वर्ष के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपने तीसरे वर्ष में किए जाने वाले कार्यों और उपलब्धियों का पूरा हिसाब भी जनता को देगी। भजनलाल शर्मा के मुताबिक, प्रदेश की जनता ने भाजपा को विश्वास और जनादेश के साथ सेवा का अवसर दिया है। उनकी सरकार इसी भरोसे के अनुरूप जवाबदेही के साथ काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस से अपने पांच साल के शासन और भाजपा सरकार के कामकाज पर तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की बात कही।
RPSC और जल जीवन मिशन के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकार पर सवालमुख्यमंत्री ने राजस्थान के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता पर भी निशाना साधा। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियों का संदर्भ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों पर था। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले संबंधित नेता को अपने शासनकाल के विवादों और सवालों का जवाब देना चाहिए। भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में नियुक्त राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य जेल गए थे। उन्होंने जल जीवन मिशन में कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उस मामले में तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की गिरफ्तारी हुई और संबंधित अधिकारी भी जेल गए। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) और विशेष कार्य अधिकारी (OSD) से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (क्राइम) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के सार्वजनिक बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता को इन सवालों पर पहले जवाब देना चाहिए। ये सभी आरोप मुख्यमंत्री ने राजनीतिक सभा में लगाए; इन्हें उनके संबोधन में किए गए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच भाजपा का अभियान
जयपुर में आयोजित यह कार्यक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में हुआ। भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए यह जनसभा और पदयात्रा आयोजित की थी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभा के बाद रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च किया। कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान और मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर अपना पक्ष जनता के सामने रखा।