सरकार की ओर से हाल ही में इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर नोटिस जारी किए जाने के बाद मेटा ने अपना पक्ष रखा है। केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर साझा किए गए चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े कंटेंट के मामले में कंपनी के अधिकारियों को तलब किया था। अब इस पूरे विवाद पर मेटा ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और कंपनी का सुरक्षा तंत्र ऐसे कंटेंट की पहचान कर उन्हें पहले ही प्लेटफॉर्म से हटा चुका था।
ब्लॉग पोस्ट जारी कर दी विस्तृत सफाईमेटा ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि बच्चों का यौन शोषण और उससे जुड़ा कंटेंट बेहद गंभीर और घृणित अपराध है। कंपनी के अनुसार, वह अपने दोनों प्रमुख प्लेटफॉर्म—फेसबुक और इंस्टाग्राम—पर इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार सख्ती से कार्रवाई करती है।
कंपनी ने कहा कि भारत में इंस्टाग्राम पर दिखाई दिए कुछ विज्ञापनों को लेकर ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं, जिनमें उसकी चाइल्ड एक्सप्लॉयटेशन पॉलिसी के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। मेटा का कहना है कि उसने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और तत्काल आवश्यक कदम उठाए हैं।
शिकायत से पहले ही कार्रवाई का दावामेटा के मुताबिक, कंपनी किसी भी स्थिति में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं देना चाहती। इसी उद्देश्य से उसके ऑटोमेटेड मॉडरेशन और एनफोर्समेंट सिस्टम लगातार ऐसे कंटेंट की निगरानी करते रहते हैं।
कंपनी ने दावा किया कि जब तक यह मामला सार्वजनिक रूप से चर्चा में आया, उससे पहले ही उसके सुरक्षा सिस्टम ने संबंधित कई आपत्तिजनक विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय (डिसेबल) कर दिया था। इतना ही नहीं, जिन अकाउंट्स से ऐसे विज्ञापन साझा किए गए थे, उन्हें भी ब्लॉक कर दिया गया था।
जांच अभी भी जारी, संदिग्ध अकाउंट्स पर हो रही कार्रवाईमेटा ने कहा कि शुरुआती कार्रवाई के बाद भी जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। कंपनी अन्य संदिग्ध विज्ञापनों और उनसे जुड़े अकाउंट्स की भी समीक्षा कर रही है। यदि किसी भी तरह का नियम उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अकाउंट्स को बंद किया जा रहा है। साथ ही, ऐसे मामलों से जुड़े यूआरएल (URL) को भी ब्लॉक किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार का कंटेंट दोबारा प्लेटफॉर्म पर न फैल सके।
40 लाख अकाउंट हटाने का दावाकंपनी ने इस आरोप को भी सिरे से खारिज किया कि वह जानबूझकर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों को बढ़ावा देती है। मेटा का कहना है कि उसकी तकनीक विशेष रूप से ऐसे कंटेंट और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के लिए विकसित की गई है।
कंपनी के अनुसार, इसी तकनीक की मदद से इस वर्ष अब तक दुनियाभर में करीब 40 लाख (4 मिलियन) ऐसे अकाउंट्स हटाए जा चुके हैं, जो बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े पाए गए। मेटा ने दोहराया कि वह अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने और इस तरह के अपराधों पर रोक लगाने के लिए लगातार नई तकनीकों और सख्त निगरानी व्यवस्था पर काम कर रही है।