बच्चों पर AK-47 चलाना पूरी तरह गलत, सायोनी घोष ने रखी बेबाक राय; Gen Z के आंदोलन की जमकर सराहना

लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन और संसद में प्रस्तावित पेपर लीक संशोधन विधेयक को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा होना बेहद जरूरी है। साथ ही छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी भी स्थिति में बच्चों के खिलाफ AK-47, पैलेट गन या किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई उचित नहीं कही जा सकती। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होने के बाद सायोनी घोष बागी सांसदों के साथ नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो चुकी हैं।

पेपर लीक बिल पर खुली बहस की बताई जरूरत

सायोनी घोष ने कहा कि संसद का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व गंभीर मुद्दों पर खुली और व्यापक चर्चा करना है। उनके मुताबिक, पेपर लीक जैसे संवेदनशील विषय पर लाए गए कानून का उद्देश्य छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है, इसलिए इस पर राजनीतिक टकराव से ऊपर उठकर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के किसी कदम से असहमति हो सकती है, लेकिन यदि कोई कानून छात्रों के हित में है तो उसे बिना चर्चा के आगे बढ़ाना भी सही नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि संसद में विधेयक पर विस्तार से चर्चा होगी तभी विपक्ष अपने सुझाव दे सकेगा, सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा सकेंगे और कानून को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। उनका मानना है कि लोकतंत्र में संवाद और आलोचना दोनों समान रूप से जरूरी हैं, क्योंकि इन्हीं से बेहतर नीतियां तैयार होती हैं।
बच्चे राजनीतिक बहस नहीं, समाधान सुनना चाहते हैं

लोकसभा सांसद ने कहा कि आज का छात्र वर्ग केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं सुनना चाहता, बल्कि यह जानना चाहता है कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह भरोसा मिलना चाहिए कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा।

इसी दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के खिलाफ AK-47 हो, पैलेट गन हो या किसी भी प्रकार का बल प्रयोग, यदि वह गलत है तो उसे गलत ही कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये देश के बच्चे हैं और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को सुनना अधिक जरूरी है, न कि उन्हें डराने या दबाने की कोशिश करना।

Gen Z को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत

सायोनी घोष ने देश के युवाओं, खासकर Gen Z की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति है। उनके अनुसार जिस तरह छात्रों ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद की, उसने यह साबित कर दिया कि देश में लोकतंत्र पूरी तरह जीवंत है और युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं।

उन्होंने कहा कि छात्रों के इस आंदोलन ने सरकार को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने और पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने का अवसर दिया। उनके मुताबिक, युवाओं ने यह दिखा दिया कि जब किसी मुद्दे पर जनता एकजुट होती है तो व्यवस्था को भी जवाब देना पड़ता है।

छात्र आंदोलन को लेकर कही बड़ी बात

छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए सायोनी घोष ने कहा कि Gen Z ने अपने शांतिपूर्ण विरोध के जरिए एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन ने यह भी दिखाया कि देश के युवाओं का भरोसा पारंपरिक विपक्ष की राजनीति से अधिक अपने मुद्दों और अपनी आवाज पर है। उनके अनुसार, छात्रों ने सड़कों पर उतरकर यह साबित किया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की ताकत आज भी भारत में कायम है।

पहली बार NDA बैठक में हुईं शामिल

मंगलवार को सायोनी घोष पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में भी शामिल हुईं। बैठक के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी प्रस्तुति दी गई। उनके अनुसार बैठक का माहौल सकारात्मक रहा और विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में पेश किए गए पेपर लीक संशोधन विधेयक पर भी विस्तृत चर्चा होगी, ताकि छात्रों के हित में एक मजबूत और प्रभावी कानून तैयार किया जा सके।