नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और उसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत का एक बयान नए राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। मंडी से लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी Gen-Z छात्रों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें जनरेशन गटर कहा, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने उन पर तीखा पलटवार किया। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने कंगना की टिप्पणी को युवा पीढ़ी का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
सौरव दास बोले- देश के लिए Gen-Z का योगदान ज्यादाकंगना रनौत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि कोई सार्वजनिक जीवन में रहकर युवाओं के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि Gen-Z पीढ़ी देश के निर्माण और सामाजिक बदलाव में अहम भूमिका निभा रही है और उसका योगदान किसी भी व्यक्ति से कम नहीं आंका जा सकता।
सौरव दास ने कहा, ऐसी भाषा किसी संतुलित सोच रखने वाले व्यक्ति की नहीं लगती। अगर किसी के अपने परिवार में Gen-Z या Gen-Alpha से जुड़े युवा हों, तो क्या वह उनके लिए भी यही शब्द इस्तेमाल करेगा? युवाओं के प्रति इस तरह का रवैया बिल्कुल उचित नहीं कहा जा सकता।
कंगना ने सोशल मीडिया पर किया पलटवारसौरव दास की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब देते हुए लिखा कि उन्होंने सौरव के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनकी उम्र 28 वर्ष है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी उम्र का व्यक्ति खुद को छात्र कैसे बता सकता है।
कंगना ने आगे लिखा कि जब वह इस उम्र में थीं, तब तक उन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके थे। उन्होंने सौरव दास पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समस्या निजी है, वे छात्र नहीं बल्कि बेरोजगार हैं और उन्हें पहले कोई हुनर सीखकर अपने जीवन की शुरुआत करनी चाहिए।
आशुतोष रांका ने भी साधा निशानाकंगना रनौत की टिप्पणी पर CJP के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कॉकरोच और गटर जैसे शब्दों से संबोधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
रांका ने कहा, आपने हमें कॉकरोच कहा, गटर कहा, लेकिन याद रखिए कि यही लोग आंदोलन के जरिए आपकी सरकार के एक मंत्री का इस्तीफा कराने में सफल रहे। जनता की आवाज को अपमानित करने के बजाय उसे सुनना चाहिए।
युवा कांग्रेस ने भी जताई आपत्तिकंगना रनौत के बयान पर दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकरा ने कहा कि Gen-Z प्रदर्शनकारियों के लिए इस्तेमाल की गई भाषा बेहद आपत्तिजनक है और यह युवाओं के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां लोकतांत्रिक विरोध को बदनाम करने की कोशिश हैं। उनके मुताबिक, किसी भी जनप्रतिनिधि को विरोध करने वाले युवाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए और ऐसी टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे अपमानजनक शब्दों के जरिए खारिज करने की कोशिश की जानी चाहिए।