ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग ऐप्स पर सरकार का शिकंजा, BAT BMS और Epoch Li-ion को प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश

नई दिल्ली। ई-रिक्शा चालकों की बढ़ती परेशानियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बैटरी को रिमोट से नियंत्रित करने वाले मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सरकार ने ऐसे दो ऐप—BAT BMS और Epoch Li-ion—को Google Play Store और Apple App Store से हटाने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरियों तक पहुंच बनाकर वाहन को दूर बैठे बंद करने के लिए किया जा रहा था। इस मुद्दे के सामने आने के बाद हजारों ई-रिक्शा चालकों ने अपनी सुरक्षा और आजीविका को लेकर चिंता जताई थी।

यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब कई ई-रिक्शा चालक बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक बीच रास्ते में वाहन बंद हो जाने की शिकायत करने लगे। इस समस्या को लेकर लगातार रिपोर्टें सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से संज्ञान लिया। अब सरकार ने इन दोनों ऐप्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चिंता


कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ तकनीक की मदद से ई-रिक्शा की संगत (कम्पैटिबल) लिथियम बैटरियों से कनेक्ट होकर उन्हें दूर से निष्क्रिय करते दिखाई दिए। इन घटनाओं ने ईवी सेक्टर, बैटरी सुरक्षा और साइबर दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

वीडियो वायरल होने के बाद ई-रिक्शा चालकों, बैटरी डीलरों और इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के बीच चिंता का माहौल बन गया। लोगों ने आशंका जताई कि यदि इस तरह की तकनीक का गलत इस्तेमाल जारी रहा तो सड़क सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
बीच सड़क पर बंद हुए ई-रिक्शा, चालकों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

वायरल वीडियो में कई ऐसे दृश्य भी सामने आए, जहां चलते-चलते ई-रिक्शा अचानक बंद हो गए। कई चालक असहाय होकर सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए, जबकि कुछ को अपने वाहन को लंबी दूरी तक धक्का देकर ले जाना पड़ा। कुछ वीडियो में चालक भावुक होते और अपनी रोजी-रोटी पर संकट की बात कहते भी नजर आए।

इन घटनाओं ने यह सवाल भी खड़ा किया कि यदि किसी व्यस्त सड़क या ट्रैफिक के बीच वाहन अचानक बंद हो जाए तो इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है। लगातार सामने आ रही शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने परिवहन विभाग को पूरे मामले की जांच करने और BAT BMS ऐप से जुड़े सभी दावों की सत्यता परखने के निर्देश दिए थे।

शुरुआती जांच में सामने आई तकनीकी जानकारी

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को पता चला कि संबंधित ऐप्स सीमित दूरी के भीतर ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम बैटरियों से वायरलेस तरीके से कनेक्ट होने की क्षमता रखते हैं। तकनीकी रूप से इनका मूल उद्देश्य बैटरी की स्थिति पर नजर रखना है, जिसमें वोल्टेज, तापमान, करंट और अन्य प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों की निगरानी शामिल है।

हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि यदि इन ऐप्स में पर्याप्त साइबर सुरक्षा और एक्सेस कंट्रोल मौजूद न हों, तो इनके कुछ कंट्रोल फीचर्स का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति बैटरी तक पहुंच बनाकर वाहन के संचालन को प्रभावित कर सकता है, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर जोखिम पैदा करता है।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा मानकों को भी मजबूत बनाना जरूरी है। इसी कारण संबंधित ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ यह भी जांच की जा रही है कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में भविष्य में ऐसी किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।

फिलहाल BAT BMS और Epoch Li-ion ऐप्स को डिजिटल स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित एजेंसियां इस पूरे मामले की तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं से विस्तृत जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में ई-रिक्शा चालकों और इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।