सरकार ने छात्रों की कौन-कौन सी मांगें स्वीकार कीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद अब आगे क्या होगा?

नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई अहम बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। बातचीत सफल रहने के बाद सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते की जानकारी साझा की। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी है। इसके साथ ही जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील भी की गई। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांगें क्या थीं और सरकार ने उन पर क्या रुख अपनाया।

कॉकरोच जनता पार्टी की पहली मांग, जिस पर सरकार ने दी सहमति

सरकार के साथ हुई बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी कुल तीन चरणों में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान संगठन ने तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी थीं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। दूसरी मांग प्रदर्शनकारियों और आंदोलन से जुड़े आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों और एफआईआर को वापस लेने की थी, साथ ही भविष्य में भी किसी प्रदर्शनकारी या आयोजक पर नया मामला दर्ज न किए जाने की गारंटी मांगी गई थी। तीसरी मांग उन परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की थी, जिन्होंने NEET परीक्षा आयोजित न हो पाने के बाद अपने परिजनों को खो दिया।

आशुतोष रंका ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके अनुसार, इसका सीधा अर्थ है कि सरकार ने उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इसे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को आखिरकार सरकार ने गंभीरता से सुना है।
कॉकरोच जनता पार्टी की दूसरी मांग, जिसे भी सरकार ने स्वीकार किया

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी दूसरी प्रमुख मांग केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी। संगठन ने मांग रखी थी कि दिल्ली के अलावा सभी बीजेपी शासित और बीजेपी समर्थित राज्यों में आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे स्वीकार करने का भरोसा दिया है।

सौरव दास ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां संगठन के साथ साझा की जाएंगी। उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार केवल दिल्ली में ही लगभग 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर इन सभी मामलों की प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी और इसके बाद एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए संगठन ने सरकार को एक विस्तृत ड्राफ्ट सौंपा है। यह ड्राफ्ट सरकार की ओर से लिखित गारंटी देने से संबंधित है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार तक इस मसौदे पर अपनी प्रतिक्रिया और लिखित आश्वासन साझा किया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी को उम्मीद है कि मंगलवार तक न केवल दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया स्पष्ट हो जाएगी, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से जुड़े सभी बिंदुओं पर भी सरकार की औपचारिक गारंटी मिल जाएगी।