स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है हींग की कचौड़ी, घर पर ऐसे बनाएं; रेसिपी

अगर आप ऐसे पारंपरिक व्यंजन की तलाश में हैं जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल हो, तो हींग की कचौड़ी एक शानदार विकल्प है। अपनी मनमोहक खुशबू, मसालेदार भरावन और कुरकुरी परत की वजह से यह उत्तर भारत की सबसे पसंदीदा स्नैक्स में गिनी जाती है। सुबह के नाश्ते में हो, दोपहर की हल्की भूख हो या फिर शाम की चाय के साथ कुछ खास खाने का मन, हींग की कचौड़ी हर मौके पर खाने का आनंद दोगुना कर देती है।

इस कचौड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसकी भरावन में इस्तेमाल होने वाली हींग है। हींग केवल स्वाद और सुगंध ही नहीं बढ़ाती, बल्कि पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मददगार मानी जाती है। गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में भी हींग का सेवन लाभकारी माना जाता है। यही कारण है कि इसे स्वाद के साथ-साथ गुणों का खजाना भी कहा जाता है। बाजार में मिलने वाली हींग की कचौड़ी का स्वाद तो लगभग हर किसी को पसंद आता है, लेकिन थोड़ी-सी मेहनत और सही विधि अपनाकर आप इसे आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी आसान और स्वादिष्ट रेसिपी।

कचौड़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री

आटा तैयार करने के लिए
2 कप मैदा या गेहूं का आटा
3 से 4 बड़े चम्मच घी या तेल (मोयन के लिए)
स्वादानुसार नमक
गुनगुना पानी (आटा गूंधने के लिए)
भरावन के लिए
आधा कप धुली उड़द दाल (लगभग 2 घंटे भिगोई हुई)
आधा छोटा चम्मच हींग
1 छोटा चम्मच सौंफ पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
एक चौथाई छोटा चम्मच गरम मसाला
1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट
स्वादानुसार नमक
मसाला भूनने और कचौड़ी तलने के लिए तेल
बनाने की आसान विधि

स्टेप 1: सबसे पहले तैयार करें आटा


एक बड़ी परात या बर्तन में मैदा या गेहूं का आटा लें। इसमें स्वादानुसार नमक और मोयन के लिए घी या तेल डालें। दोनों चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं ताकि मोयन पूरे आटे में समान रूप से मिल जाए। अब गुनगुने पानी की सहायता से मुलायम आटा गूंध लें। तैयार आटे को किसी साफ कपड़े या ढक्कन से ढककर लगभग 20 मिनट के लिए रख दें, ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए।

स्टेप 2: स्वादिष्ट भरावन तैयार करें

दो घंटे तक भिगोई हुई उड़द दाल का अतिरिक्त पानी निकाल दें और उसे बिना पानी मिलाए दरदरा पीस लें। अब एक पैन में लगभग दो चम्मच तेल गर्म करें। सबसे पहले उसमें अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट डालें, फिर हींग मिलाकर कुछ सेकंड तक भूनें ताकि उसकी खुशबू अच्छी तरह निकल आए।

इसके बाद पिसी हुई उड़द दाल डालें और उसमें सौंफ पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक मिलाएं। इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें, जब तक दाल अच्छी तरह सूखकर हल्की सुनहरी न हो जाए। भरावन तैयार होने के बाद उसे पूरी तरह ठंडा होने दें।

स्टेप 3: कचौड़ियों में भरें मसालेदार स्टफिंग

अब तैयार आटे की बराबर आकार की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को हल्के हाथों से फैलाएं और उसके बीच में एक छोटा चम्मच तैयार दाल का मिश्रण रखें। इसके बाद चारों तरफ से किनारों को सावधानी से जोड़कर अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि तलते समय भरावन बाहर न निकले।

अब भरी हुई लोई को हथेली से हल्का दबाकर थोड़ा चपटा कर लें। ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा पतला न करें, वरना कचौड़ी फट सकती है।

स्टेप 4: धीमी आंच पर तलें कुरकुरी कचौड़ियां

एक गहरी कढ़ाई में पर्याप्त मात्रा में तेल गर्म करें। तेल बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, बल्कि मध्यम तापमान पर होना चाहिए। अब एक-एक करके कचौड़ियां तेल में डालें और धीमी से मध्यम आंच पर उन्हें पलटते हुए सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक तलें।

ध्यान रखें कि तेज आंच पर कचौड़ियां बाहर से तो जल्दी सिक जाएंगी, लेकिन अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है। इसलिए धीमी आंच पर तलने से ही उनका सही स्वाद और कुरकुरापन मिलता है।

जब कचौड़ियां अच्छी तरह सुनहरी हो जाएं, तब उन्हें निकालकर अतिरिक्त तेल सोखने के लिए टिश्यू पेपर पर रखें। गरमा-गरम हींग की कचौड़ियों को हरी धनिया की चटनी, इमली की मीठी चटनी या आलू की मसालेदार सब्जी के साथ परोसें और घर बैठे बाजार जैसा स्वाद लें।