जैसे विटामिन और मिनरल हमारे शरीर के लिए अनिवार्य हैं, वैसे ही हेल्दी फैट भी जरूरी होते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड हमारे दिल और दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई लोगों में ओमेगा-3 की कमी इतनी बढ़ जाती है कि यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ये फैटी एसिड न केवल सूजन को कम करने और रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करता है, बल्कि लंबे समय में हृदय रोगों के जोखिम को घटाने वाले बायोमार्कर के रूप में भी जाना जाता है। बावजूद इसके, आमतौर पर लोग अपनी ओमेगा-3 लेवल की जांच नहीं करवाते। आइए जानते हैं कि शरीर में इसकी कमी क्या प्रभाव डालती है।
ओमेगा-3 की जांच क्यों जरूरी है?इंस्टाग्राम पर कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉक्टर जेरेमी लंदन ने ओमेगा-3 फैटी एसिड के महत्व के बारे में जानकारी दी है। उनके अनुसार, अमेरिकी आबादी का लगभग 80-90 प्रतिशत हिस्सा ओमेगा-3 की कमी से प्रभावित है। इस कमी के कारण हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मृत्यु का जोखिम 15 से 30 प्रतिशत तक ज्यादा होता है।
ओमेगा-3 की जांच मुख्य रूप से रक्त परीक्षण (Blood Test) के जरिए की जाती है, जिसे ‘ओमेगा-3 इंडेक्स टेस्ट’ (Omega-3 Index Test) कहा जाता है। यह टेस्ट शरीर में ईपीए और डीएचए जैसे प्रमुख ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा का पता लगाता है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड क्यों है जरूरी?ओमेगा-3, खासकर ईपीए और डीएचए, ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करके, सूजन घटाकर और रक्त वाहिकाओं के कार्य में सुधार करके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। यह एंडोथेलियल फ़ंक्शन को भी सुधारता है, जो रक्त वाहिकाओं की दीवार की सुरक्षा और लचीलापन बनाए रखने में मदद करता है।
ओमेगा-3 की कमी से होने वाले जोखिम:कोरोनरी हृदय रोग (CHD) से मृत्यु का खतरा बढ़ना
दिल संबंधी रोगों (CVD) की घटनाओं में वृद्धि
प्रारंभिक चरण में कोरोनरी एथेरोस्क्लेरोसिस का विकास
ओमेगा-3 की कमी कैसे पूरी करें:ओमेगा-3 की कमी को पूरा करने के लिए अपने आहार में फैटी फिश जैसे सैल्मन, मैकेरल और ट्राउट शामिल करें। इसके अलावा, अलसी, अखरोट और ओमेगा-3 सप्लीमेंट का सेवन भी लाभकारी है। नियमित रूप से ओमेगा-3 का सेवन आपके दिल, दिमाग और समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।