अर्जुन की छाल किन-किन बीमारियों में पहुंचा सकती है लाभ? जानिए इसके औषधीय गुण

आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें फ्लेवोनॉइड्स, टैनिन और ट्राइटरपेनॉइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम और भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं।

अगर अर्जुन की छाल को संतुलित मात्रा में और सही विधि से आहार में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकती है। हालांकि किसी भी हर्बल उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।

दिल की सेहत के लिए उपयोगी

हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए अर्जुन की छाल का सेवन पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकती है। आयुर्वेदिक मान्यता के अनुसार इसके नियमित और नियंत्रित उपयोग से हृदय की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर स्थितियों के खतरे को कम करने में सहायता मिल सकती है।

इसी कारण कई आयुर्वेदिक दवाओं में अर्जुन की छाल को प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाता है।

पाचन तंत्र को दे सकती है राहत

अर्जुन की छाल को पेट से जुड़ी परेशानियों में भी लाभकारी माना जाता है। गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए इसे पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक मानी जाती है।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह रक्त को शुद्ध करने में भी सहयोग दे सकती है। लेकिन याद रखें कि अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है, इसलिए सही खुराक बेहद महत्वपूर्ण है।

डायबिटीज और महिलाओं के स्वास्थ्य में संभावित लाभ

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो अर्जुन की छाल मधुमेह के मरीजों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। माना जाता है कि यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक भूमिका निभा सकती है। हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य करना चाहिए।

महिलाओं के स्वास्थ्य के संदर्भ में भी अर्जुन की छाल का उल्लेख मिलता है। यदि पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह के बाद इसका सेवन किया जा सकता है।

अर्जुन की छाल को पानी या दूध के साथ उबालकर काढ़े के रूप में लिया जा सकता है। कुछ लोग इसे पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। सही मात्रा, उचित विधि और विशेषज्ञ की सलाह—इन तीन बातों का ध्यान रखकर ही इस औषधीय छाल को अपने डाइट प्लान में शामिल करना चाहिए, ताकि इसके संभावित लाभ सुरक्षित तरीके से प्राप्त किए जा सकें।