क्या पर्याप्त नींद न लेने से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर? जानें किन संकेतों से समझें कि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही

अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार जितना जरूरी है, उतनी ही अहम भूमिका भरपूर और गुणवत्तापूर्ण नींद भी निभाती है। यदि आप पौष्टिक भोजन तो लेते हैं, लेकिन रोजाना पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, तो इसका असर धीरे-धीरे आपके पूरे स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगता है। हाल के वर्षों में खासकर युवाओं के बीच नींद की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर समेत कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नींद केवल शरीर को आराम देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, हार्मोनल संतुलन और हृदय की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित करती है। पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेने से शरीर तरोताजा रहता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।

हालांकि, केवल सोने की अवधि ही मायने नहीं रखती, बल्कि आपकी पूरी स्लीप रूटीन भी महत्वपूर्ण होती है। आप किस समय सोते हैं, सोने से पहले क्या खाते या पीते हैं, आपकी नींद कितनी गहरी है और क्या रात में बार-बार नींद खुलती है या खर्राटे आते हैं, ये सभी बातें आपकी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। यदि लंबे समय तक नींद ठीक न आए, तो इसका असर हृदय और रक्तचाप दोनों पर पड़ सकता है।
नींद और ब्लड प्रेशर का क्या है संबंध?

इस विषय पर शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, जब व्यक्ति लगातार कम सोता है या उसकी नींद बार-बार बाधित होती है, तो शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है। इससे हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है और रक्तचाप बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। तनाव हार्मोन के बढ़ने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है, जिसका असर धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर पर भी देखने को मिलता है।

क्या कम नींद वास्तव में हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद नहीं मिलती, तो समय के साथ उसका ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है। खासकर जो लोग पहले से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए नींद की अनदेखी और भी नुकसानदायक हो सकती है। लगातार खराब नींद शरीर में हार्मोन, हृदय गति और रक्त वाहिकाओं की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है, जिससे रक्तचाप को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है।

कैसे पहचानें कि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही?

यदि रात की नींद पर्याप्त नहीं होती, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। सुबह उठने के बाद लगातार आलस महसूस होना, पूरे दिन सुस्ती बने रहना या काम में मन न लगना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी नींद पूरी नहीं हुई। इसके अलावा आंखों में भारीपन, आंखों का लाल होना, सुबह-सुबह सिरदर्द रहना या उठने के बाद भी तरोताजा महसूस न करना भी खराब नींद के सामान्य लक्षण माने जाते हैं।

अगर पूरी रात बिस्तर पर बिताने के बावजूद सुबह उठने पर शरीर थका हुआ लगे, बेचैनी महसूस हो या ऐसा लगे कि पर्याप्त आराम नहीं मिला, तो यह भी नींद की खराब गुणवत्ता का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल नींद की अवधि ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। यदि लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें या साथ में ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ मिले, तो डॉक्टर से सलाह लेकर कारण की जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उचित उपचार और जीवनशैली में बदलाव किया जा सके।