पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी के चांस सबसे ज्यादा होते हैं? जानें सही समय

अगर आप प्रेग्नेंसी की योजना बना रही हैं, तो अक्सर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मासिक धर्म (पीरियड्स) के बाद किन दिनों में गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक होती है। कई महिलाएं इस मामले में भ्रमित रहती हैं, क्योंकि हर किसी का पीरियड साइकल अलग होता है। लेकिन अपने शरीर के प्राकृतिक चक्र (नेचुरल साइकल) को समझकर यह कन्फ्यूजन काफी हद तक कम किया जा सकता है। चलिए, विस्तार से जानते हैं कि कब प्रेग्नेंट होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं।

फर्टाइल विंडो क्या होती है?

Babycentre UK के अनुसार, फर्टाइल विंडो वह समय होता है जब प्रेग्नेंसी की संभावना अधिकतम होती है। इसमें ओव्यूलेशन से पहले के 5 दिन और ओव्यूलेशन का दिन शामिल होता है।

ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है, जब अंडाशय (ओवरी) से एक अंडा रिलीज़ होता है, जिसे शुक्राणु (स्पर्म) फर्टिलाइज कर सकता है। आमतौर पर यह अगली पीरियड से लगभग 14 दिन पहले होता है। यानी अगर आपका पीरियड साइकल 28 दिन का है, तो ओव्यूलेशन लगभग पीरियड के 13वें या 14वें दिन होता है।

पीरियड्स के कितने दिन बाद सबसे ज्यादा चांस होते हैं?

28 दिन के नियमित साइकल को मानते हुए, पीरियड खत्म होने के 8वें दिन से 14वें दिन तक गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। इसमें 12वें से 14वें दिन सबसे अधिक फर्टाइल माने जाते हैं।

कारण यह है कि स्पर्म महिला के शरीर में 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं, जबकि अंडा ओव्यूलेशन के बाद केवल 12 से 24 घंटे तक फर्टिलाइजेशन के लिए उपलब्ध रहता है। इसलिए ओव्यूलेशन से पहले के कुछ दिन सबसे अहम माने जाते हैं।

ओव्यूलेशन को कैसे पहचाने?


हर महिला का ओव्यूलेशन अलग हो सकता है, लेकिन कुछ संकेत मददगार होते हैं:

सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव – ओव्यूलेशन के दौरान डिस्चार्ज साफ, चिकना (slippery) और स्ट्रेची हो जाता है।

हल्का पेट दर्द या खिंचाव – निचले पेट में हल्की चुभन या खिंचाव महसूस हो सकता है।

बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) – ओव्यूलेशन के बाद शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है।

एनर्जी और मूड में बदलाव – कई महिलाओं को इस समय ज्यादा एक्टिव और सकारात्मक महसूस होता है।

अगर पीरियड साइकल अनियमित हो

जिन महिलाओं का साइकल नियमित नहीं होता, उनके लिए ओव्यूलेशन का सही दिन पहचानना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आप इन तरीकों से फर्टाइल दिनों का अनुमान लगा सकती हैं:

ओव्यूलेशन किट का इस्तेमाल

बेसल बॉडी टेम्परेचर ट्रैक करना

सर्वाइकल म्यूकस के बदलाव पर ध्यान देना

ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बातें

फर्टिलिटी कैलेंडर और कैलकुलेटर केवल अनुमान देते हैं। तनाव, दवाइयां, लाइफस्टाइल और हार्मोनल बदलाव ओव्यूलेशन के समय को आगे-पीछे कर सकते हैं। इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना सबसे अधिक जरूरी है। सही समय पर समझदारी से कदम उठाने से प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ाई जा सकती है और भ्रम कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।