बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो जैसे ही सुबह नींद से जागते हैं, सिर में भारीपन, जकड़न या तेज दर्द महसूस करने लगते हैं। अक्सर इसे लोग थकान या सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। सुबह उठते ही होने वाला सिर दर्द कई बार शरीर के भीतर चल रही किसी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार नींद से जागने के समय दिमाग ज्यादा संवेदनशील होता है, ऐसे में हल्का सा असंतुलन भी दर्द के रूप में सामने आ सकता है। नींद की कमी, मानसिक तनाव, माइग्रेन, पानी की कमी और स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां इसकी बड़ी वजह हो सकती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सुबह के सिर दर्द के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
नींद पूरी न होना या नींद की गुणवत्ता खराब होनाअगर आप रोज देर रात तक जागते हैं, मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं या बार-बार नींद टूटती है, तो इसका असर सीधे सुबह के सिर दर्द पर पड़ता है। अपर्याप्त और अधूरी नींद दिमाग को पूरा आराम नहीं दे पाती, जिससे तनाव बढ़ता है और सुबह उठते ही सिर में दर्द शुरू हो जाता है।
तनाव और मानसिक दबावलगातार चिंता, काम का दबाव या भावनात्मक तनाव शरीर की मांसपेशियों को सख्त कर देता है। खासकर गर्दन, कंधे और सिर की मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इसका नतीजा यह होता है कि सुबह उठते ही टेंशन-टाइप हेडेक महसूस होने लगता है।
माइग्रेन की समस्याजिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत रहती है, उनके लिए सुबह का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील हो सकता है। नींद की अनियमितता, मौसम में बदलाव, तेज रोशनी, देर से खाना या खाली पेट सोना माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। ऐसे में सुबह उठते ही तेज धड़कता हुआ सिर दर्द शुरू हो जाता है।
स्लीप एपनिया की दिक्कतस्लीप एपनिया एक गंभीर समस्या है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है। इस वजह से शरीर और दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसके परिणामस्वरूप सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द, भारीपन, थकान और कभी-कभी चक्कर भी आ सकते हैं। लगातार तेज खर्राटे आना भी स्लीप एपनिया का एक अहम संकेत माना जाता है।
डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमीरात के समय अगर शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, तो इसका असर सुबह सिर दर्द के रूप में दिखाई दे सकता है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है और सिर में दर्द शुरू हो जाता है।
शराब या कैफीन का प्रभावरात में शराब का सेवन करने या जरूरत से ज्यादा चाय-कॉफी पीने से नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है। वहीं, जो लोग नियमित रूप से कैफीन लेते हैं और अचानक इसे छोड़ देते हैं, उन्हें भी सुबह सिर दर्द की समस्या हो सकती है। यह कैफीन विदड्रॉल हेडेक का संकेत हो सकता है।
अगर रोज सुबह सिर दर्द हो तो क्या करें?विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपको हफ्ते में कई बार सुबह सिर दर्द हो रहा है, दर्द बहुत तेज होता है या इसके साथ चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी, उलझन या धुंधला दिखने जैसे लक्षण भी नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा इस समस्या से बचने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है। रोज एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और रात में भी शरीर को हाइड्रेट रखें। सोने से पहले शराब और कैफीन से दूरी बनाएं, मोबाइल-टीवी का इस्तेमाल कम करें और शांत व आरामदायक नींद का माहौल बनाएं। इन छोटे-छोटे बदलावों से सुबह के सिर दर्द की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।