हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई ऐसी आदतें शामिल होती हैं, जो दिखने में सामान्य लगती हैं लेकिन अंदर ही अंदर सेहत को नुकसान पहुंचाती रहती हैं। खाने-पीने की आदतों से लेकर किचन में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों तक, कई बातें ऐसी हैं जिनका असर तुरंत नहीं दिखता, लेकिन समय के साथ शरीर को कमजोर कर देता है। धूम्रपान, पैकेटबंद और जंक फूड का ज़्यादा सेवन, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग और सामाजिक दूरी—ये सभी धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों की ओर धकेलते हैं। लेकिन इन सबके बीच एक आदत ऐसी है जिसे डॉक्टर सबसे ज्यादा खतरनाक मानते हैं, और वह है शराब का सेवन। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार अल्कोहल शरीर में जहर की तरह काम करता है और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए समय रहते इन आदतों पर लगाम लगाना बेहद ज़रूरी है।
इंस्टाग्राम पर मशहूर कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में एक पोस्ट के जरिए रोज़मर्रा की कुछ आम लेकिन खतरनाक आदतों पर रोशनी डाली है। उन्होंने बताया कि प्रोसेस्ड फूड, स्मोकिंग, शराब, प्लास्टिक का इस्तेमाल और अकेलापन किस तरह शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर नकारात्मक असर डालते हैं। डॉ. लंदन ने हर आदत को 1 से 10 के जोखिम पैमाने पर रखा है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन-सी आदत लंबे समय में सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाती है।
प्रोसेस्ड मीट का सेवनअगर आपकी डाइट में प्रोसेस्ड मीट शामिल है, तो सावधान हो जाइए। डॉक्टर लंदन ने इसे 10 में से 5 अंक दिए हैं। ऐसे मीट में प्रिज़र्वेटिव, नाइट्रेट और नाइट्राइट की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकती है। हॉट डॉग, सॉसेज और पैकेटबंद लंच मीट जैसी चीज़ों का नियमित सेवन कोलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की आशंका बढ़ा देता है। बेहतर है कि इनका सेवन सीमित किया जाए।
रोज़ाना मारिजुआना का इस्तेमालडॉ. लंदन ने मारिजुआना के नियमित सेवन को 10 में से 8 अंक दिए हैं। अक्सर लोग इसे इसलिए सुरक्षित मान लेते हैं क्योंकि यह प्राकृतिक है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक इसका सेवन दिल से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है। हालिया शोध बताते हैं कि नियमित मारिजुआना सेवन से हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।
शराब—सबसे खतरनाक आदतशराब को डॉ. लंदन ने पूरे 10 में से 10 अंक दिए हैं, यानी यह सेहत के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक आदत है। उनके अनुसार शराब शरीर की लगभग हर कोशिका के लिए जहरीली होती है। इसका प्रभाव सिर्फ लिवर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिमाग, दिल और इम्यून सिस्टम पर भी गहरा असर डालता है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि शराब की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।
प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमालकिचन में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड भी खतरे से खाली नहीं हैं। इन्हें 10 में से 5 अंक दिए गए हैं। लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से माइक्रोप्लास्टिक के बेहद छोटे कण खाने के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं। इससे हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन क्षमता में कमी और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, सालभर नियमित रूप से प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड इस्तेमाल करने पर व्यक्ति लगभग 50 ग्राम माइक्रोप्लास्टिक निगल सकता है, जो करीब 10 क्रेडिट कार्ड के वजन के बराबर होता है।
अकेलापन भी है उतना ही नुकसानदायकलंबे समय तक अकेले रहना भी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। डॉ. लंदन ने अकेलेपन को 10 में से 8 अंक दिए हैं। कई शोधों में यह सामने आया है कि लगातार सामाजिक संपर्क से दूर रहना शराब और मोटापे जितना ही नुकसान पहुंचा सकता है। इससे तनाव, चिंता और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए दोस्तों से जुड़े रहना और परिवार के साथ समय बिताना बेहद ज़रूरी है।