करीब ढाई दशक से अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल जाना पड़ा है। अदालत में पेशी के दौरान उनका एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में वह अकेले हैं और परिस्थिति का सामना खुद ही कर रहे हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों की सहानुभूति उनके साथ जुड़ गई।
राजपाल यादव के इस भावनात्मक वक्तव्य के बाद फिल्म इंडस्ट्री से कुछ कलाकार उनके समर्थन में आगे आए। गुरमीत चौधरी और सोनू सूद जैसे सितारों ने खुलकर मदद की बात कही। जहां एक ओर कुछ लोग उनके समर्थन में खड़े नजर आए, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस छिड़ गई, जिसका केंद्र बन गए अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी।
दरअसल, राजपाल यादव के जेल जाने के कुछ ही दिनों बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी का एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने लगा। यह क्लिप कपिल शर्मा के शो का है, जिसमें बातचीत के दौरान कपिल ने उनसे पूछा था कि क्या स्ट्रगल के दिनों में दिल्ली और मुंबई में कई कलाकार राजपाल यादव के घर पर खाना खाया करते थे?
इस सवाल पर नवाजुद्दीन ने मुस्कुराते हुए पुरानी यादें साझा की थीं। उन्होंने बताया था कि जब वे और अन्य कई कलाकार संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब राजपाल यादव को अपेक्षाकृत जल्दी काम मिल गया था। लगभग 20-22 संघर्षरत कलाकारों में राजपाल ही ऐसे थे जिनके पास लगातार काम था। बाकी लोग अक्सर इस सोच में रहते थे कि दिन का भोजन कहां से मिलेगा। ऐसे में उन्हें याद आता कि राजपाल यादव के घर चला जाए।
नवाजुद्दीन ने उस दौर का जिक्र करते हुए कहा था कि राजपाल के घर सुबह से ही रसोई में चहल-पहल शुरू हो जाती थी और शाम तक कुछ न कुछ पकता रहता था। कई साथी कलाकार वहां जुटते थे—कोई प्याज काटता, कोई सब्जी तैयार करता। माहौल परिवार जैसा होता था। यह वीडियो ‘द लाफ्टर शो’ नाम के यूट्यूब चैनल से शेयर किया गया था और अब फिर से चर्चा में है।
वीडियो दोबारा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब राजपाल यादव ने अपने संघर्ष के दिनों में साथियों का सहारा दिया, तो आज उनके कठिन समय में इंडस्ट्री के कुछ लोग चुप क्यों हैं?
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज एक स्थापित अभिनेता हैं और उनके पास संसाधनों की कमी नहीं है, ऐसे में वह राजपाल की मदद क्यों नहीं कर रहे। वहीं दूसरे यूजर ने यह भी कहा कि सिर्फ नवाजुद्दीन ही नहीं, बल्कि अन्य बड़े कलाकारों को भी आगे आना चाहिए, जिन्होंने कभी राजपाल के साथ समय बिताया और उनके घर का खाना खाया।
कुछ लोगों ने तुलना करते हुए सोनू सूद का नाम लिया और कहा कि उन्होंने बिना शोर मचाए मदद की पहल की, जबकि बाकी लोग सिर्फ बातें करते नजर आ रहे हैं। एक अन्य यूजर ने लिखा कि इंडस्ट्री में कई कलाकार मुश्किल हालात से गुजरते हैं, लेकिन सच्ची पहचान तब होती है जब पुराने रिश्ते निभाए जाएं।
हालांकि, इस पूरे मामले में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर चल रही यह बहस यह दिखाती है कि दर्शक सिर्फ पर्दे पर निभाए गए किरदारों से नहीं, बल्कि कलाकारों के आपसी रिश्तों और व्यवहार से भी जुड़ाव महसूस करते हैं।
फिलहाल, राजपाल यादव का मामला कानूनी प्रक्रिया में है और उनके समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी। वहीं सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजें यह संकेत दे रही हैं कि संघर्ष के दिनों की दोस्ती और आज की सफलता के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।