‘मैं 1500 करोड़ रुपये का आदमी हूं’, बेल के बाद राजपाल यादव ने फिल्म फेडरेशन से की यह खास मांग

9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे अभिनेता Rajpal Yadav हाल ही में अंतरिम जमानत पर रिहा हुए। जेल से बाहर आने के कुछ दिन बाद उन्होंने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया। साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय लेन-देन को लेकर एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था बनाने की अपील भी की।

इंडस्ट्री में संरचित फाइनेंस मॉडल की जरूरत

मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा कि फिल्म जगत में निवेश और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े मामलों को एक मानक ढांचे में लाने की सख्त जरूरत है। उनका मानना है कि यदि फिल्म फेडरेशन एक औपचारिक इन्वेस्टमेंट फंड और स्पष्ट कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम तैयार करे, तो भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसा बेसिक प्लेटफॉर्म तैयार होना चाहिए, जिसे घरेलू और विदेशी निवेशक समान रूप से अपनाएं। इससे न केवल कलाकारों बल्कि निर्माताओं और फाइनेंसर्स के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि कानूनी उलझनों की संभावना भी कम होगी।
‘मेरे 26 साल के करियर में सिर्फ एक केस’

अपने लंबे फिल्मी सफर का जिक्र करते हुए अभिनेता ने कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में काम करते हुए 26 साल हो चुके हैं और इस दौरान उन्होंने करीब 200 से ज्यादा एग्रीमेंट किए हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग बजट और पारिश्रमिक के साथ काम करते हुए कभी किसी अनुबंध को लेकर बड़ा विवाद नहीं हुआ।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनके काम करने के तरीके में खामी होती, तो इतने वर्षों में केवल एक ही मामला सामने क्यों आता? अपने बयान में उन्होंने कहा, “मैं 1500 करोड़ रुपये का आदमी हूं,” और यह भी जोड़ा कि किसी भी प्रोजेक्ट में उनका इरादा साफ रहा है।

राजपाल ने आरोप लगाया कि संबंधित फिल्म प्रोजेक्ट के पीछे 5 करोड़ रुपये को लेकर गलत मंशा थी। उनके मुताबिक, पैसों के जरिए किसी को कानूनी जाल में फंसाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विवाद कुछ खास व्यक्तियों के बीच का है और पूरी इंडस्ट्री को इसमें घसीटना गलत होगा।

18 मार्च तक अंतरिम राहत

दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च तक उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की। यह राहत तब मिली जब उन्होंने बकाया राशि के मामले में संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने यह शर्त रखी कि अभिनेता 1.5 करोड़ रुपये का बेल बॉन्ड जमा करेंगे।

बाद में शिकायतकर्ता कंपनी M/S मुरली प्रोजेक्ट की ओर से बताया गया कि बाउंस हुए चेक के एवज में राशि कंपनी के बैंक खाते में जमा कर दी गई है। इसके बाद अदालत ने उनकी रिहाई को मंजूरी दे दी।